लश्कर-ए-तैयबा के डिप्टी चीफ और पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड सैफुल्ला कसूरी ने कबूल किया है कि पाकिस्तानी सेना उसे सैन्य कार्यक्रमों में बुलाती है.
पाकिस्तानी सेना की खुली पोल
पाकिस्तान लगातार अपनी नापाक हरकतें जारी रखे हुए है. लंबे समय से आरोप लगते रहे हैं कि पाकिस्तानी सेना और आतंकी संगठन के बीच मजबूत संबंध है. और एक बार फिर सबूत सामने आए हैं. अब जो बड़ा खुलासा हुआ है उससे पता चलता है कि पाकिस्तानी सेना आतंकियों से मिली हुई है. और उन्हें अपने कार्यक्रमों में आमंत्रित करते हैं. पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड और लश्कर-ए-तैयबा के मुख्य सरगना ने पाकिस्तानी सेना के सामने मोर्चा खोल दिया है.
सैफुल्लाह कसूरी का कबूलनामा
हाफिज सईद के नेतृत्व वाले संगठन के उप प्रमुख और पहलगाम आतंकी हमले के मास्टरमाइंड सैफुल्ला कसूरी ने कहा कि उन्हें पाकिस्तान सेना द्वारा नियमित रूप से कार्यक्रमों में आमंत्रित किया जाता है। कसूरी ने यह बात पाकिस्तान के एक स्कूल में छात्रों को संबोधित करते हुए कही. सैफुल्लाह कसूरी ने यह भी दावा किया है कि उनकी मौजूदगी से भारत में डर का माहौल है.
पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड
सैफुल्लाह कसूरी ने आगे कहा कि भारत ने ‘ऑपरेशन सिन्दूर’ के दौरान पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को नष्ट करने का दावा किया था. लेकिन सैफुल्लाह कसूरी ने कहा कि भारत ने इस लक्ष्य को लेकर बड़ी गलती की. उन्होंने यह भी कहा कि पहलगाम में हुए हमले के बाद वह दुनिया में मशहूर हो गए. यह हमला 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुआ था. जिसमें 26 लोगों की जान चली गई.
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