24 जनवरी, शनिवार को संयुक्त राज्य अमेरिका में आए भारी बर्फीले तूफान ने पूरे देश में लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस तूफान का असर अमेरिका के करीब 40 फीसदी हिस्से में देखा जा रहा है, जिससे लाखों लोग प्रभावित हुए हैं. दक्षिणी रॉकी पर्वत से न्यू इंग्लैंड तक व्यापक हिमपात, ओलावृष्टि और जमने वाली बारिश की स्थिति विकसित हो गई है। इस तूफान के कारण सड़क परिवहन पूरी तरह से ठप हो गया है। राजमार्ग, स्थानीय सड़कें और पुल बर्फ से ढक गए हैं, जिससे यातायात असंभव हो गया है और कई क्षेत्रों में घर के अंदर रहने की सलाह दी गई है।
13,000 से अधिक उड़ानें रद्द
बर्फीले तूफान का सबसे ज्यादा असर हवाई परिवहन पर पड़ा है. अमेरिका के विभिन्न हवाई अड्डों पर 13,000 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। यात्री शिकागो, न्यूयॉर्क, डलास और अटलांटा जैसे प्रमुख हवाई अड्डों पर फंसे हुए हैं। एयरलाइंस ने यात्रियों को यात्रा से बचने की सलाह दी है.
बिजली आपूर्ति बाधित, लाखों लोग अंधेरे में
बर्फबारी और बर्फीली हवाओं के कारण बिजली लाइनें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। शनिवार को लगभग 1,20,000 घरों में बिजली नहीं थी। अकेले टेक्सास और लुइसियाना में 50,000 से अधिक ग्राहक बिना बिजली के थे। चेतावनी दी गई है कि कई इलाकों में बिजली बहाल होने में कई दिन लग सकते हैं.
आपातकाल की घोषणा, राहत कार्यों में तेजी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कम से कम एक दर्जन राज्यों में आपात्कालीन घोषणा को मंजूरी दे दी है. होमलैंड सुरक्षा सचिव क्रिस्टी नोएम ने कहा कि संघीय आपातकालीन प्रबंधन एजेंसी (फेमा) ने पहले ही कई राज्यों में राहत आपूर्ति, कर्मचारी और खोज-बचाव दल तैनात कर दिए हैं।
कई दिनों तक कड़ाके की ठंड का अनुमान
राष्ट्रीय मौसम सेवा के मौसम विज्ञानी एलीसन सैंटोरेली ने कहा, “इतनी बर्फ आसानी से नहीं पिघलेगी और इससे पुनर्प्राप्ति प्रयासों में भी बाधा आएगी।” मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक कड़ाके की ठंड और खतरनाक स्थिति बनी रह सकती है. इस भयानक बर्फीले तूफान ने अमेरिका के लिए प्राकृतिक आपदा जैसी स्थिति पैदा कर दी है. इसका जनजीवन, परिवहन और बिजली आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ रहा है. प्रशासन और राहत एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है.