होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान की धमकी, कहा- "अब कुछ भी पहले जैसा नहीं रहेगा"

Neha Gupta
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पश्चिम एशिया में युद्ध की स्थिति गंभीर होती जा रही है. ईरान और अमेरिका के बीच विवाद अब वैश्विक आर्थिक संकट का रूप ले चुका है. रविवार, 5 अप्रैल को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) द्वारा जारी की गई चेतावनी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के आक्रामक रुख ने दुनिया भर में हलचल मचा दी है।

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान का नया आदेश

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने सोशल मीडिया के जरिए साफ कर दिया है कि फारस की खाड़ी और खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य में पुरानी व्यवस्था वापस नहीं आएगी। ईरान ने दावा किया है कि अमेरिका और इजराइल के प्रभुत्व को चुनौती देते हुए इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर एक नई सुरक्षा प्रणाली स्थापित की जा रही है। ईरान तेल की वैश्विक आपूर्ति पर अपनी सीधी पकड़ मजबूत करते हुए इस महत्वपूर्ण शिपिंग मार्ग पर अपना नियंत्रण बनाए रखना चाहता है।

डोनाल्ड ट्रम्प की समय सीमा और धमकी

ईरान के इस कदम के खिलाफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बेहद सख्त रुख अपनाया है. ईस्टर रविवार के पवित्र दिन पर ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान को खुली धमकी देते हुए कहा कि अगर मंगलवार तक होर्मुज जलडमरूमध्य को अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए नहीं खोला गया, तो अमेरिका बमबारी करेगा और महत्वपूर्ण ईरानी बिजली संयंत्रों और पुलों को उड़ा देगा। ट्रंप की सीधी सैन्य कार्रवाई की धमकी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक तनाव बढ़ा दिया है.

तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और आर्थिक दबाव

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल पारगमन मार्ग है। ईरान द्वारा यहां लगाए गए ‘चोकहोल्ड’ (नाकेबंदी) के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमत आसमान छू रही है। पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छूने से महंगाई का खतरा बढ़ गया है. अंतर्राष्ट्रीय व्यापारिक जहाज़ इस मार्ग से गुजरने से डरते हैं, जिसके परिणामस्वरूप वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएँ बाधित होती हैं।

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