पश्चिम एशिया में जारी युद्ध अब 32वें दिन में प्रवेश कर गया है और तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान से बातचीत का दावा कर रहे हैं तो दूसरी तरफ ईरान हमले की चेतावनी भी दे रहा है. इस बीच ईरान के सैन्य संगठन आईआरजीसी ने अमेरिका के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए 1 अप्रैल से 18 अमेरिकी कंपनियों पर हमले की धमकी दी है.
ईरान पर हमले का बदला लेने के लिए कार्रवाई की जाएगी
इस सूची में माइक्रोसॉफ्ट, एप्पल, गूगल, इंटेल और बोइंग जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल हैं। आईआरजीसी ने कहा है कि यह कार्रवाई ईरान पर हुए हमले के जवाब में की जाएगी. साथ ही कंपनियों के कर्मचारियों को चेतावनी दी गई है कि वे दफ्तर से दूर रहें, क्योंकि हमला कभी भी हो सकता है.
कंपनियां प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से युद्ध में शामिल थीं
ईरान का कहना है कि ये कंपनियाँ प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से युद्ध में शामिल हैं। इस बयान ने वैश्विक चिंता पैदा कर दी है, खासकर तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्रों में। इस स्थिति के कारण अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार और सुरक्षा प्रणालियाँ भी प्रभावित होने की आशंका है। दुनिया भर के कई देश इन बढ़ते तनावों पर नजर रख रहे हैं और संभावित संघर्ष को रोकने के लिए राजनीतिक प्रयास तेज हो गए हैं।
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