भारत बनाम पाकिस्तान फाइटर जेट: चीन की राह पर पाकिस्तान, घर का खाना खाकर भारतीय सेना से बराबरी करने की कोशिश!

Neha Gupta
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पाकिस्तान अब दक्षिण एशिया में सैन्य संतुलन बनाए रखने और भारतीय वायुसेना के अत्याधुनिक ‘राफेल’ लड़ाकू विमानों का मुकाबला करने के लिए बड़े पैमाने पर योजना बना रहा है। पाकिस्तान अपनी वायु सेना (पीएएफ) को और आधुनिक बनाने के लिए चीन से 60 से 70 और चेंगदू जे-10सीई लड़ाकू विमान खरीदने के ऑर्डर को अंतिम रूप दे रहा है। यदि यह सौदा हो जाता है, तो पाकिस्तान के पास J-10CE विमानों की कुल संख्या 100 का आंकड़ा छू लेगी, जो उसकी वायु शक्ति में एक बड़ी छलांग होगी।

राफेल के खिलाफ पाकिस्तान की रणनीति

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान के इस कदम का सीधा मकसद भारत के राफेल विमानों को संतुलित करना है। खासकर ‘ऑपरेशन सिन्दूर’ जैसी घटनाओं के बाद पाकिस्तान ने अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने पर ज्यादा फोकस किया है. पाकिस्तान की नई रणनीति दृश्य सीमा (बीवीआर) से परे हमला करने में सक्षम उन्नत लड़ाकू विमानों को प्राथमिकता देती है। J-10CE इस रणनीति का एक प्रमुख घटक है, जो AESA रडार और PL-15 जैसी लंबी दूरी की मिसाइलों से सुसज्जित है।

राफेल का पावर शो

भारत का राफेल उच्च विश्वसनीयता और गहरी मारक क्षमता वाला जुड़वां इंजन वाला बहुउद्देश्यीय जेट है। राफेल छोटे रनवे और विमान वाहक से भी उड़ान भर सकता है, जो इसे सभी वातावरणों में बेहतर बनाता है। इसकी अधिकतम गति मैक 1.8 (लगभग 2200 किमी/घंटा) है और यह परिष्कृत सेंसर से सुसज्जित है।

70 J-10CE चीन में निर्मित

दूसरी ओर, चीन निर्मित J-10CE एक सिंगल इंजन फाइटर जेट है। इसका डिज़ाइन ‘डेल्टा विंग’ और ‘कैनार्ड’ पर आधारित है, जो इसे हवा में अद्भुत चपलता प्रदान करता है। पाकिस्तान का मानना ​​है कि 100 जे-10सीई तक के बेड़े के साथ, वे लंबी दूरी की हवाई गश्त और दूरस्थ हमले की क्षमताओं को बढ़ाने में सक्षम होंगे। यह पाकिस्तान की ‘स्टैंड-ऑफ’ युद्ध रणनीति के अनुरूप है, जो आमने-सामने की लड़ाई में शामिल होने के बजाय दूर से लक्ष्य को भेदने पर केंद्रित है।

J-10CE की मुख्य विशेषताएं:

टेक्नोलॉजी: यह 4.5+ पीढ़ी का आधुनिक फाइटर जेट है।

एवियोनिक्स: यह उन्नत एवियोनिक्स और बीवीआर मिसाइल प्रणाली से सुसज्जित है।

स्पीड: इसकी अधिकतम स्पीड मैक 1.8 तक है।

वर्तमान स्थिति: पाकिस्तान के पास वर्तमान में लगभग 20 ऐसे विमान परिचालन में हैं, जो उसकी वायु सेना की मुख्य ताकत हैं।

विशेषज्ञों का मानना ​​है कि इतनी बड़ी संख्या में नए जेट खरीदने के पीछे पाकिस्तान का मकसद भारत के खिलाफ अपनी रक्षात्मक और आक्रामक दोनों क्षमताओं को मजबूत करना है।

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