ईरान ने पाकिस्तान पर से विश्वास खो दिया है और शांति वार्ता के नाटक पर फैसला सुनाया है।
पर्दे के पीछे अमेरिका की भूमिका
ईरान के साथ युद्ध के 24वें दिन ट्रंप ने बोला “शांति, शांति!” नहीं चिल्लाने लगे हैं. कुछ ही दिनों में 15 शर्तों के साथ शांति वार्ता की प्रक्रिया शुरू हुई और पाकिस्तान को एजेंट बना दिया गया. ईरान शुरू से ही कहता रहा है कि ये शांति वार्ता फर्जी है और एकतरफा ढंग से की जा रही है. आज ईरान ने इस शांति वार्ता नाटक पर अपना अब तक का सबसे बड़ा फैसला सुनाया। उन्होंने न सिर्फ अमेरिका की शर्तों को खारिज कर दिया है, बल्कि पाकिस्तान के दोस्ती के दिखावे को भी बड़ा झटका दिया है.
परमाणु हथियारों का प्रस्ताव
1. ईरान को लिखित प्रतिज्ञा देनी होगी कि वह भविष्य में कभी भी परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा।
2. यूरेनियम संवर्धन पर प्रतिबंध: ईरानी धरती पर किसी भी प्रकार के यूरेनियम संवर्धन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाएगा।
3. परमाणु सुविधाएं: ईरान को एक निश्चित समय सीमा के भीतर सभी समृद्ध परमाणु सुविधाएं IAEA को सौंपनी होंगी।
4. प्रमुख सुविधाओं को बंद करना: नतांज़, इस्फ़हान और फोर्डो जैसी परमाणु सुविधाओं को पूरी तरह से अक्षम और नष्ट कर दिया जाना चाहिए।
5. IAEA पहुंच: अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी को सभी संदिग्ध ईरानी सुविधाओं और सूचनाओं तक असीमित पहुंच दी जानी चाहिए।
6. प्रॉक्सी नेटवर्क समाप्त करें: ईरान को मध्य पूर्व में अपने मिलिशिया समूहों और हिजबुल्लाह और हमास जैसे प्रॉक्सी संगठनों को छोड़ देना चाहिए।
7. फंडिंग और हथियार प्रतिबंध: इन समूहों को दी जाने वाली सभी वित्तीय और सैन्य सहायता तुरंत बंद कर दी जानी चाहिए।
8. होर्मुज जलडमरूमध्य का खुलना: होर्मुज जलडमरूमध्य को “मुक्त समुद्री क्षेत्र” के रूप में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए खुला रहना चाहिए।
9. मिसाइल कार्यक्रम पर सीमाएं: ईरान के मिसाइल कार्यक्रम की सीमा और संख्या पर सख्त सीमाएं लगाई जाएंगी।
10. रक्षा के लिए उपयोग सीमित करना: भविष्य में मिसाइलों का उपयोग केवल “आत्मरक्षा” के लिए किया जाएगा।
11. अंतर्राष्ट्रीय निगरानी: समझौते के अनुपालन की निगरानी के लिए एक सख्त अंतर्राष्ट्रीय प्रणाली स्थापित की जाएगी।
12. स्नैपबैक का ख़तरा ख़त्म: “स्नैपबैक मैकेनिज्म”, ईरान द्वारा अनुपालन करने में विफल रहने पर अचानक दोबारा प्रतिबंध लगाने का ख़तरा, हटा दिया जाएगा।
13. नागरिक परमाणु ऊर्जा सहायता: अमेरिका ईरान को बुशहर संयंत्र जैसी बिजली उत्पादन के लिए परमाणु प्रौद्योगिकी में मदद करेगा।
14. अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंध हटाना: यदि ईरान शर्तों पर सहमत हो जाता है, तो उसके खिलाफ सभी अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंध हटा दिए जाएंगे।
15. क्या ईरान ने पाकिस्तान का बचा हुआ खजाना भी खाली कर दिया है? क्या पीएम शाहबाज़ को बजट में ‘कटौती’ का सामना करना पड़ा?
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