वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट देखी गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान के बाद ब्रेंट क्रूड और यूएस क्रूड की कीमतों में 14 से 15 फीसदी की गिरावट आई है. ट्रंप के आशाजनक बयान से न सिर्फ तेल की कीमतें कम हुईं, बल्कि शेयर बाजार और भारतीय रुपये में तेजी की संभावना भी बढ़ गई.
ट्रंप के बयान का असर
डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि अमेरिका अगले 5 दिनों तक ईरान के किसी भी पावर प्लांट या एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला नहीं करेगा. ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच सार्थक बातचीत हुई है, जिससे युद्ध का निर्णायक समाधान निकल सकता है.
इस बयान के बाद बाजार में आपूर्ति बाधित होने की आशंकाएं कम हो गई हैं और कीमतें नीचे आ गई हैं. ब्रेंट क्रूड, जो 107 डॉलर के आसपास था, गिरकर 91.89 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया.
भारतीय बाजार पर क्या होगा असर?
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भारत जैसे देशों के लिए अच्छी खबर है, क्योंकि भारत अपनी अधिकांश तेल जरूरतों को आयात करता है। अगर तेल की कीमतें कम रहेंगी तो महंगाई पर लगाम लगेगी और पेट्रोल-डीजल की कीमतों से भी राहत मिल सकती है.
सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है
मंगलवार को शेयर बाजार खुलते ही इसका सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है। ईरान ने भी ट्रंप के फैसले को अपनी कड़ी चेतावनी का असर बताया, हालांकि बातचीत को लेकर ईरान की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
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