मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच, यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत मध्य पूर्व के आसमान में उड़ान भरते हुए एक बी-1बी लांसर बमवर्षक का फुटेज जारी किया है। ईरान में चल रहे हमलों से जुड़े इन मिशनों ने एक बार फिर दुनिया का ध्यान अमेरिका के सबसे शक्तिशाली विमानों में से एक की ओर खींचा है। युद्ध के मैदान में इसकी प्रभावशीलता के साथ-साथ इस विमान की कीमत पर भी बहस होती रही है।
B-1B लांसर की लागत कितनी है?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक बी-1बी लांसर की कीमत करीब 2,350 करोड़ रुपये है। हालांकि यह आंकड़ा इसकी मूल विनिर्माण लागत को दर्शाता है, लेकिन जब आधुनिकीकरण उन्नयन, रखरखाव और परिचालन लागत जैसे कारकों को ध्यान में रखा जाता है तो लागत और बढ़ जाती है। पिछले कुछ वर्षों में लगातार तकनीकी सुधारों से इसकी लागत और युद्ध क्षमता दोनों में वृद्धि हुई है।
ईरान ऑपरेशन में B-1B बॉम्बर का इस्तेमाल!
यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की है कि बी-1बी बमवर्षकों का इस्तेमाल ईरानी रणनीतिक सुविधाओं को निशाना बनाकर किए गए सटीक हमलों में किया गया था। रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि विमान ईरानी हवाई क्षेत्र में काफी अंदर तक घुस गया और बैलिस्टिक मिसाइल सुविधाओं के साथ-साथ कमांड और नियंत्रण केंद्रों को भी निशाना बनाया।
विशाल पेलोड क्षमता
बी-1बी लांसर की एक बड़ी ताकत इसकी बड़ी पेलोड क्षमता है। यह विमान 75,000 पाउंड तक पारंपरिक हथियार ले जा सकता है। इनमें सटीक-निर्देशित बम, बंकर-बस्टर गोला-बारूद और लंबी दूरी की क्रूज मिसाइलें शामिल हैं। ऐसी क्षमता इसे एक ही मिशन में कई स्थानों को लक्षित करने में सक्षम बनाती है।
क्या है B-1B लांसर की खासियत?
बी-1बी न केवल शक्तिशाली है, बल्कि बहुत तेज भी है। 1450 किलोमीटर प्रति घंटे की गति के साथ, यह बमवर्षक धीमे विमान की तुलना में दुश्मन के रडार सिस्टम और वायु सुरक्षा से आसानी से बच सकता है। इसकी गति और उन्नत नेविगेशन क्षमताओं के साथ, यह इसे कम ऊंचाई पर उड़ने और पकड़े जाने से बचने में मदद करता है।
वैश्विक पहुंच और रणनीतिक विस्तार
बी-1बी लांसर की एक अन्य प्रमुख विशेषता इसकी लंबी दूरी की हवाई क्षमता है। यह दुनिया के सबसे घातक पारंपरिक बमवर्षकों में से एक है। गति, पेलोड और हवाई रेंज का इसका अनूठा संयोजन इसे आधुनिक युद्ध में आवश्यक बनाता है।
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