ईरान युद्ध: होर्मुज जलडमरूमध्य संकट पर ईरान का भारत से वादा और युद्धोन्मादियों को कड़ी चेतावनी

Neha Gupta
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मोहम्मद फताली ने दावा किया कि, अगले 2-3 दिनों में इस दोस्ती के अहम नतीजे देखने को मिलेंगे.

भारत के प्रति ईरान का स्पष्ट रुख

ईरानी राजदूत मोहम्मद फताली ने कहा कि दुनिया के अन्य देशों का रुख चाहे जो भी हो, भारत के साथ ईरान के रिश्ते अटूट हैं. उन्होंने कहा कि इस गहरी दोस्ती के सार्थक परिणाम अगले 2-3 दिनों में दुनिया के सामने आ जायेंगे. राजदूत ने भावुक होकर कहा कि भारत के लोगों की पीड़ा हमारी अपनी पीड़ा है. यह बयान ऐसे समय आया है जब होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव काफी है और भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।

भारत सरकार के साथ काम करने हेतु सूचना

ईरानी राजदूत मोहम्मद फताली का सबसे आश्चर्यजनक दावा समय सीमा को लेकर है। उन्होंने कहा कि भारत और ईरान के बीच चल रही बातचीत का नतीजा अगले एक, दो या तीन दिनों में स्पष्ट हो जाएगा. इस परिणाम में भारतीय नाविकों की रिहाई, निर्बाध तेल आपूर्ति, या युद्ध से बचने के लिए भारतीय मध्यस्थता शामिल हो सकती है। फताली ने आश्वासन दिया कि वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों ने दूतावास को सभी मुद्दों को हल करने के लिए भारत सरकार के साथ काम करने का निर्देश दिया है।

हम युद्ध नहीं चाहते: मोहम्मद फताली

युद्ध की धमकियों के बीच ईरानी राजदूत ने भी सख्त रुख अपनाया है. उन्होंने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि ईरान युद्ध शुरू करने के पक्ष में नहीं है, लेकिन अगर कोई युद्ध थोपता है, तो परिणाम ईरान तय करेगा। फताली ने कहा, यदि तुम युद्ध छेड़ोगे तो उसे समाप्त करना तुम्हारे वश में नहीं होगा। युद्ध का समय, अवधि और भूगोल हमारे नियंत्रण में होगा।

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