इजराइल ने ईरान पर हमला कर दिया है, जिससे खाड़ी देशों में तनाव बढ़ गया है. ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए इजराइल पर मिसाइल हमले किए हैं. इस बीच विशेषज्ञ कह रहे हैं कि इस हमले का असर शेयर और कमोडिटी बाजार पर पड़ेगा. कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हैं. अमेरिका और भारत समेत दुनिया भर के प्रमुख शेयर बाजारों में 2 मार्च को भारी बिकवाली देखने को मिल सकती है।
2 मार्च को शेयर बाजार में बड़ी गिरावट?
जैसे-जैसे भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है, वैसे-वैसे बाजार में नकारात्मकता और बिकवाली का दबाव भी बढ़ता है। इसलिए, शुरुआती प्रतिक्रिया में बाजार में बड़ी गिरावट हो सकती है।” बाजार मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव पर करीब से नजर रखेगा। बाजार देखना चाहेगा कि यह अल्पकालिक संघर्ष है या दीर्घकालिक युद्ध। मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव भारत के लिए चिंता का विषय है। चूंकि भारत कच्चे तेल का एक प्रमुख आयातक है। कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि सरकार के वित्त को प्रभावित करेगी। जहां तक शेयर बाजार की बात है, तो धारणा पहले से ही कमजोर है। फरवरी में शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखी गई।
कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से महंगाई बढ़ सकती है
विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का मतलब है कि महंगाई बढ़ेगी, जिसका असर आम आदमी पर पड़ेगा. इस टकराव का सबसे ज्यादा असर तेल कंपनियों पर पड़ेगा. पेंट कंपनियों का दबाव बढ़ेगा. एयरलाइंस की परिचालन लागत बढ़ जाएगी, जिससे हवाई किराए पर असर पड़ने की संभावना है। कई एयरलाइंस मध्य पूर्व मार्गों का उपयोग बंद कर देंगी। इससे विदेश यात्रा की लागत बढ़ जाएगी, जिससे लोगों को अधिक पैसा खर्च करना पड़ेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को 2 मार्च को बाजार में बड़ी गिरावट के लिए तैयार रहना चाहिए।
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अस्वीकरण- यह जानकारी केवल आपकी जानकारी के लिए है। शेयर बाज़ार या कहीं और निवेश करने से पहले हमेशा अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।