स्टीफ़न मिलर की सख्त आप्रवासन नीति, बड़े पैमाने पर गिरफ़्तारियाँ और निर्वासन उनकी दूरदर्शिता का परिणाम हैं।
स्टाफ के उप प्रमुख
स्टीफ़न मिलर डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन में एक ऐसे व्यक्ति हैं जो उच्च पद पर नहीं होने के बावजूद बेहद शक्तिशाली माने जाते हैं। वह न तो उपराष्ट्रपति हैं और न ही विदेश सचिव। लेकिन व्हाइट हाउस के प्रमुख फैसलों में उनकी राय सर्वोपरि मानी जाती है। उनका आधिकारिक शीर्षक नीति और होमलैंड सुरक्षा सलाहकार के लिए डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ है। हालांकि, हकीकत में वह ट्रंप के सबसे भरोसेमंद सलाहकार हैं।
आप्रवासन नीति पर विशेष प्रभाव
स्टीफ़न मिलर कई वर्षों से ट्रम्प के साथ जुड़े हुए हैं। उनका प्रभाव विशेष रूप से आप्रवासन नीति में स्पष्ट है। मिलर को ट्रम्प प्रशासन की सख्त आव्रजन नीतियों, अवैध अप्रवासियों की गिरफ्तारी और बड़े पैमाने पर निर्वासन के पीछे एक प्रेरक शक्ति माना जाता है। मई 2025 में उन्होंने कहा, हर दिन 3,000 अवैध अप्रवासियों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए। इसके बाद अमेरिका के कई प्रमुख शहरों में छापेमारी और कार्रवाई तेज कर दी गई.
स्टीफ़न का विवाद
मिलर हाल ही में विवादों में भी फंस गए हैं. मिनेसोटा के सबसे बड़े शहर मिनियापोलिस में आव्रजन एजेंटों द्वारा अमेरिकी नागरिक एलेक्स प्रिटी की गोली मारकर हत्या के बाद मिलर ने सोशल मीडिया पर कड़े बयान दिए। उन्होंने पीड़िता पर गंभीर आरोप लगाए, लेकिन बाद में एक वीडियो सामने आया जिसमें दिखाया गया कि पीड़िता कोई खतरा नहीं थी.
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