6 फरवरी 2026 को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में एक शिया मस्जिद पर भीषण आत्मघाती हमला हुआ, जिसमें भारी जनहानि हुई। यह हमला शुक्रवार की नमाज के दौरान हुआ, जब मस्जिद में बड़ी संख्या में नमाजी मौजूद थे. आधिकारिक जानकारी के मुताबिक कम से कम 31 लोगों की मौत हो गई और 169 से ज्यादा लोग घायल हो गए.
अल-कुबरा शिया मस्जिद में
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमला इस्लामाबाद के तारलाई इलाके में खदीजा अल-कुबरा शिया मस्जिद पर हुआ। आत्मघाती हमलावर ने मस्जिद में प्रवेश करने से पहले सुरक्षाकर्मियों पर हमला किया और एक विस्फोटक जैकेट में विस्फोट कर दिया।
इस्लामिक स्टेट (ISIS) से संबद्ध एक संगठन.
इस्लामिक स्टेट (ISIS) से जुड़े एक संगठन ने हमले की जिम्मेदारी ली है. आतंकी समूह द्वारा शिया समुदाय को निशाना बनाना पहले भी देखा गया है और यह हमला उसी श्रृंखला का हिस्सा माना जा रहा है.
2008 इस्लामाबाद में मैरियट होटल विस्फोट
इस घटना को इस्लामाबाद में 2008 के मैरियट होटल विस्फोट के बाद सबसे घातक हमला माना जाता है। हमले के तुरंत बाद बचाव दल और एम्बुलेंस को घटनास्थल पर भेजा गया और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और अन्य नेताओं ने हमले की कड़ी निंदा की है और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है. इस घटना ने एक बार फिर देश में बढ़ती आतंकी हिंसा और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भी इस हमले की निंदा की
अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भी इस हमले की निंदा की है और निर्दोष लोगों पर हुए इस आतंकी हमले को मानवता के खिलाफ अपराध करार दिया है. पूरी घटना से पता चलता है कि धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने वाली आतंकवादी गतिविधियाँ अभी भी क्षेत्र में एक बड़ा खतरा बनी हुई हैं और ऐसे हमलों के खिलाफ सख्त सुरक्षा उपायों की आवश्यकता है।