भारत-अमेरिका व्यापार समझौता: महज 21 दिन में बदल गया खेल! भारत-अमेरिका डील के पीछे कौन है?

Neha Gupta
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भारत और अमेरिका के बीच पिछले दस महीनों से टैरिफ को लेकर गतिरोध बना हुआ है। दोनों देश एक-दूसरे पर टैरिफ बढ़ाते रहे, जिसका असर व्यापार संबंधों पर पड़ा. कभी बात आगे बढ़ती तो कभी रुक जाती.

व्यक्तिगत स्तर पर मित्रता जारी रहती है

इस पूरे दौर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच दोस्ती निजी स्तर पर जारी रही. ट्रंप अक्सर मोदी को ‘मेरा दोस्त’ कहकर संबोधित करते थे और पीएम मोदी भी ट्रंप को दोस्त कहते थे. लेकिन दोस्ती के बावजूद व्यापार विवाद सुलझाना आसान नहीं था.

टैरिफ 50% तक कैसे पहुंचा?

अप्रैल 2025 में अमेरिका ने भारतीय आयात पर 25 फीसदी टैरिफ लगाया था. बाद में, इस आधार पर 25 प्रतिशत का दंडात्मक टैरिफ और लगाया गया कि भारत रूस से तेल खरीद रहा था। इस प्रकार कुल टैरिफ 50 प्रतिशत तक पहुंच गया, जो भारत के लिए एक बड़ा झटका था।

‘डील मेकर’ दर्ज करें: सर्जियो गोर

12 जनवरी, 2026 को सर्जियो गोर ने भारत में अमेरिकी राजदूत का पदभार संभाला। पद संभालते ही उन्होंने साफ कर दिया कि भारत और अमेरिका के बीच ‘सब कुछ ठीक है’ और बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है. अपनी नियुक्ति के अगले दिन, 13 जनवरी को, गोर ने संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते पर गंभीर बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि अब तक करीब सात दौर की बैठकें हो चुकी हैं और नतीजे सकारात्मक रहे हैं.

ट्रंप के भरोसेमंद सहयोगी

सर्जियो गोर पहले व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति कार्मिक कार्यालय के निदेशक थे। उन्हें राष्ट्रपति ट्रंप का बेहद करीबी और विश्वासपात्र माना जाता है. ट्रंप ने उन्हें उस वक्त भारत की जिम्मेदारी दी जब दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्ते सबसे ज्यादा तनावपूर्ण थे।

मात्र 21 दिन में ऐतिहासिक परिणाम

सर्जियो गोर के पदभार संभालने के ठीक 21 दिन बाद भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की घोषणा की गई। इस समझौते के तहत भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ 50 प्रतिशत से घटाकर सीधे 18 प्रतिशत कर दिया गया। इस फैसले को भारत के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है. व्यापार विशेषज्ञों का मानना ​​है कि इस समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार को नई गति मिलेगी और तनाव कम होगा।

“भारत सबसे महत्वपूर्ण भागीदार”

अपने पहले प्रमुख सार्वजनिक संबोधन में गोर ने कहा कि भारत से अधिक महत्वपूर्ण कोई भागीदार नहीं है। उनके मुताबिक, भारत-अमेरिका संबंध इस सदी की सबसे महत्वपूर्ण वैश्विक साझेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों देशों को न केवल व्यापार, बल्कि सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाना चाहिए।

डील के बाद गोर का बयान

व्यापार समझौते की घोषणा के बाद गोर ने कहा कि भारत-अमेरिका संबंधों की संभावनाएं अनंत हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप वास्तव में प्रधानमंत्री मोदी को अपना सच्चा दोस्त मानते हैं और यह व्यक्तिगत विश्वास ही है जिसके कारण यह डील इतनी जल्दी संभव हो सकी।

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