अमेरिका इस वक्त सदी के सबसे भीषण बर्फीले तूफान का सामना कर रहा है। देश के पूर्व से पश्चिम तक फैली इस बर्फबारी ने लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. राष्ट्रीय मौसम सेवा के अनुमान के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा से अमेरिका की आधी आबादी यानी लगभग 180 मिलियन लोगों के प्रभावित होने की संभावना है। तूफान दक्षिणी रॉकी पर्वत से शुरू हुआ और न्यू इंग्लैंड और न्यूयॉर्क की ओर बढ़ रहा है। बर्फबारी के कारण 13,500 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गई हैं।
सबसे बड़ा संकट विमानन क्षेत्र में आया
अमेरिकी विमानन इतिहास में रविवार का दिन काला दिन साबित हुआ। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक अब तक 13,500 से ज्यादा उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं. अकेले रविवार को 9600 उड़ानें रद्द कर दी गईं। कोरोना महामारी के बाद यह पहली बार है जब इतनी बड़ी संख्या में उड़ान सेवाएं बाधित हुई हैं। वाशिंगटन नेशनल एयरपोर्ट पर हालात ऐसे हैं कि वहां की 97 फीसदी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं, जिसके कारण हवाई अड्डों पर भारी भीड़ और अव्यवस्था देखने को मिल रही है.
1 से 2 फीट बर्फबारी संभव
मौसम सेवा के अनुसार, वाशिंगटन, न्यूयॉर्क और बोस्टन जैसे प्रमुख शहरों में 30 से 60 सेंटीमीटर (1 से 2 फीट) तक बर्फबारी हो सकती है। ठंड इतनी भीषण है कि बारिश होते ही यह बर्फ में बदल जा रही है, जिससे सड़कें फिसलन भरी हो गई हैं और यातायात बाधित हो रहा है।
सभी प्रमुख एयरलाइंस प्रभावित
इस तूफ़ान का असर किसी एक कंपनी तक सीमित नहीं है. अमेरिकन एयरलाइंस, डेल्टा, साउथवेस्ट और यूनाइटेड जैसी प्रमुख एयरलाइंस ने अपनी हजारों उड़ानें रद्द कर दी हैं। अटलांटा और जॉन एफ कैनेडी जैसे सबसे व्यस्त हवाई अड्डों पर अब शांति है।