ताइवान और चीन के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंचता दिख रहा है। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि सुबह छह बजे तक ताइवान के आसपास 26 चीनी सैन्य विमानों और छह पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नेवी जहाजों की आवाजाही देखी गई थी।
ताइवान की सेना ने स्थिति के मुताबिक जवाब दिया
ताइवान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इन 26 विमानों में से 18 ने ताइवान जलडमरूमध्य की मध्य रेखा को पार किया और ताइवान के उत्तरी, मध्य और दक्षिण-पश्चिमी वायु रक्षा पहचान क्षेत्र में प्रवेश किया। मंत्रालय ने कहा कि चीनी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई और ताइवान की सेना ने स्थिति के अनुसार जवाब दिया। उससे एक दिन पहले शुक्रवार को भी चीन की ओर से इस तरह की सैन्य कार्रवाई देखने को मिली थी. उस दिन कुल 23 चीनी लड़ाकू विमानों को ताइवान के आसपास उड़ान भरते हुए पकड़ा गया था। जिनमें से 17 विमानों ने मध्य रेखा को पार किया और ADIZ में घुसपैठ की। इन विमानों में J-10 फाइटर जेट, H-6K बॉम्बर और KJ-500 जैसे उन्नत विमान शामिल थे.
ताइवान के आसपास 11 चीनी विमान और 5 नौसेना जहाज सक्रिय देखे गए
यह अभ्यास चीनी नौसेना के जहाजों के साथ संयुक्त हवाई-समुद्र प्रशिक्षण के तहत किया गया था। इसी दिन एक और घटना घटी, जब ताइवान के आसपास 11 चीनी विमान और 5 नौसेना जहाज सक्रिय दिखे. इनमें से 9 विमान उत्तरी और दक्षिण-पश्चिमी ADIZ में घुस गए, जिसके बाद ताइवान सेना को अलर्ट पर रखा गया। इसके अलावा ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की कि एक चीनी निगरानी ड्रोन दक्षिण-पश्चिमी ADIZ में प्रतास द्वीप समूह की ओर प्रवेश कर गया है।
ताइवान को क्या जवाब दिया?
ड्रोन कुछ देर के लिए ताइवान के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुआ, जिसके बाद द्वीप पर तैनात सैनिकों को हाई अलर्ट पर रखा गया। ताइवान ने इस कार्रवाई को गैरजिम्मेदाराना और उकसाने वाला कदम बताया है. ताइवान के मंत्रालय का कहना है कि चीन की लगातार सैन्य घुसपैठ न केवल अंतरराष्ट्रीय मानदंडों का उल्लंघन है, बल्कि पूरे क्षेत्र की शांति और स्थिरता के लिए भी गंभीर खतरा है।
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