भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चला आ रहा व्यापार गतिरोध अब सुलझने की कगार पर है। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के हालिया बयान के मुताबिक, ऐतिहासिक व्यापार समझौते को कल यानी 13 जनवरी तक अंतिम रूप दिया जा सकता है। इस खबर के बाद भारतीय शेयर बाजार में भी जबरदस्त रिकवरी देखी गई है।
दोस्ती और असहमति के बीच सामंजस्य
नई दिल्ली में निवर्तमान राजदूत गोर ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रम्प के बीच व्यक्तिगत संबंध घनिष्ठ हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि “सच्चे दोस्तों में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मतभेद नहीं।” गोर ने पहले अमेरिकी संसद में भारत पर 500% टैरिफ लगाने के प्रस्ताव के कारण पैदा हुए तनाव को हल करने का आश्वासन दिया है। दोनों देश टैरिफ और बाजार पहुंच जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर लगातार संपर्क में हैं।
‘पैक्ससिलिका’ रणनीतिक साझेदारी
इन वार्ताओं का सबसे महत्वपूर्ण पहलू ‘पैक्ससिलिका’ पहल है। अमेरिका के नेतृत्व वाली नई पहल का उद्देश्य अर्धचालक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), महत्वपूर्ण खनिजों और रसद में एक सुरक्षित आपूर्ति श्रृंखला बनाना है। अगले महीने भारत को पूर्ण सदस्य के रूप में समूह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन और इज़राइल जैसे देश पहले से ही इसमें शामिल हैं। भारत के शामिल होने से एशिया-प्रशांत क्षेत्र में प्रौद्योगिकी और विनिर्माण में एक मजबूत चीनी विरोधी विकल्प तैयार होगा।
बाजार पर सकारात्मक असर
ट्रेड डील की खबर का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर पड़ा. लगातार छह दिनों की गिरावट के बाद सोमवार को सेंसेक्स एक समय 700 अंक टूट गया था, लेकिन ट्रेड डील पर सकारात्मक खबरों से बाजार में तेजी आई और करीब 63 अंक सुधरकर 83,638.45 पर पहुंच गया। यह डील भारत और अमेरिका के लिए न सिर्फ आर्थिक बल्कि रणनीतिक तौर पर भी अहम है. अगर कल टैरिफ मुद्दे पर कोई बीच का रास्ता निकलता है तो यह भारतीय निर्यातकों और तकनीकी क्षेत्र के लिए सुनहरा सूरज साबित हो सकता है।