शौक बड़ी चीज़ है. दुनिया में हर किसी को किसी न किसी चीज का शौक होता है। किसी को पुराने सिक्के और नोट जमा करना पसंद है तो किसी को कार या बाइक। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि एक साधारण सा शौक किसी की किस्मत बदल सकता है? आमतौर पर हम शौक को मौज-मस्ती और मनोरंजन समझते हैं, लेकिन कभी-कभी वही शौक जिंदगी में ऐसा मोड़ ले लेता है, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की होती। ऐसी ही एक अविश्वसनीय घटना एक शख्स के साथ घटी, जहां शौक ने उसे न सिर्फ खुशियां बल्कि अप्रत्याशित खजाना भी दे दिया।
एक पुराना सैन्य टैंक खरीदा
एक शख्स ने अपने शौक के लिए एक पुराना मिलिट्री टैंक खरीदा, लेकिन उसे क्या पता था कि यह टैंक उसकी जिंदगी का सबसे अद्भुत अनुभव बन जाएगा। सैन्य वाहनों के संग्रहकर्ता निक मीडे ने एक रूसी T54/69 टैंक खरीदा। उन्होंने टैंक के लिए करीब 30,000 पाउंड यानी करीब 36 लाख रुपये चुकाए. उनका उद्देश्य केवल एक ही था – टैंकों की मरम्मत करना और उन्हें अपने सैन्य वाहनों के विशाल संग्रह में जोड़ना।
150 से अधिक सैन्य वाहनों का संग्रह
निक के पास पहले से ही लगभग 150 सैन्य वाहनों का संग्रह है। टैंक खरीदने के बाद जब उन्होंने मैकेनिक टॉड चेम्बरलेन के साथ इसकी मरम्मत शुरू की, तो दोनों ने टैंक के ईंधन टैंक को खोलने का फैसला किया। उन्हें शक था कि अंदर कोई पुराना गोला-बारूद हो सकता है, जो खतरनाक साबित हो सकता है. लेकिन जैसे ही उन्होंने टैंक खोला तो दोनों दंग रह गए.
5 किलो सोने की छड़ें
ईंधन टैंक के अंदर लगभग 5 किलोग्राम वजन की सोने की छड़ें पाई गईं। सोना इतना शुद्ध और भारी था कि इसकी कीमत लगभग 2 मिलियन पाउंड (करोड़ों रुपये) आंकी गई थी। वह क्षण निक और टॉड दोनों के लिए अविश्वसनीय था। शौक के लिए खरीदा गया एक टैंक अचानक खजाने का संदूक बन गया।
खाड़ी युद्ध के साथ इतिहास
सोना मिलने के बाद दोनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी. टॉड ने कहा कि इतनी बड़ी मात्रा में सोना मिलने के बाद उचित प्रक्रिया के बिना कुछ नहीं किया जा सकता। पुलिस ने सोना जब्त कर उन्हें रसीद दे दी। इस घटना से पूरे इलाके में बहस छिड़ गयी. निक का अनुमान है कि टैंक का इतिहास खाड़ी युद्ध से जुड़ा हो सकता है। उनका मानना है कि 1990 के दशक में कुवैत में युद्ध के दौरान इराकी सैनिकों द्वारा लूटा गया सोना टैंक के ईंधन टैंक में छिपाया गया होगा। बाद में यह टैंक ब्रिटेन पहुंच गया और यह रहस्य वर्षों तक छिपा रहा।
यूक्रेन को कई सैन्य वाहन दान किये
निक मीडे न केवल टैंक उत्साही हैं, बल्कि अपने मानवीय कार्यों के लिए भी जाने जाते हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद उन्होंने यूक्रेन को कई सैन्य वाहन दान में दिये। निक का कहना है कि भले ही सोना बरामद नहीं हुआ, लेकिन उन्हें अपने टैंक को लेकर कोई अफसोस नहीं है। शौक और इतिहास दोनों ही उनके लिए अनमोल हैं।
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