अमेरिकी तट रक्षक ने बुधवार को उत्तरी अटलांटिक महासागर में वेनेजुएला जा रहे एक रूसी ध्वज वाले टैंकर मेरिनर को जब्त कर लिया। जहाज पर सवार 28 क्रू सदस्यों में 3 भारतीय नागरिक हैं। अब मॉस्को ने मांग की है कि अमेरिका जहाज पर मौजूद क्रू सदस्यों के साथ सम्मानजनक और मानवीय व्यवहार करे. तब एक रूसी नेता ने कहा था कि हमारी सैन्य नीति ऐसी स्थिति में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की भी इजाजत देती है।
विदेशी नागरिकों से जल्द से जल्द देश छोड़ने की अपील
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मॉस्को ने बुधवार को वाशिंगटन से सभी क्रू सदस्यों के साथ सम्मानजनक और मानवीय व्यवहार की मांग की और विदेशी नागरिकों से जल्द से जल्द वहां से चले जाने की अपील की। अधिकारियों ने बताया कि अमेरिका द्वारा जब्त किए गए टैंकर का नाम पहले ‘बेला वन’ था। टैंकर में चालक दल के 28 सदस्य थे, जिनमें 17 यूक्रेनियन, 6 जॉर्जियाई, 3 भारतीय और 2 रूसी नागरिक शामिल थे। इन सभी को अमेरिकी अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया है. भारतीय क्रू सदस्यों की सुरक्षा को लेकर भारत सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. अमेरिकी अधिकारी फिलहाल जहाज के स्वामित्व की जांच कर रहे हैं।
इस मिशन में ब्रिटेन की रॉयल एयर फोर्स ने अहम भूमिका निभाई
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि यह ऑपरेशन अमेरिकी तट रक्षक और सेना द्वारा संयुक्त रूप से चलाया गया था, जिसमें ब्रिटेन की रॉयल एयर फोर्स ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। मिशन को ब्रिटिश एयरबेस से लॉन्च किया गया था और रॉयल एयर फ़ोर्स निगरानी विमान ने आइसलैंड और ब्रिटेन के बीच जहाजों की आवाजाही पर नज़र रखी। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि ब्रिटेन की मदद से जहाज का एक सप्ताह तक पीछा करने के बाद यह अभियान चलाया गया।