वेनेज़ुएला संकट: अमेरिका ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने का आधा रास्ता तय कर लिया है. जानिए कैसे बनाएं योजना?

Neha Gupta
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सबसे पहले अमेरिका ने वेनेज़ुएला को घेरने के लिए सभी दिशाओं में युद्धपोत तैनात कर दिये। ऑपरेशन पर प्रति घंटे 3 करोड़ रुपये खर्च हुए.

रुपए पानी की तरह बह गए

वेनेजुएला की राजधानी से निकोलस मादुरो को पकड़ने के लिए अमेरिका ने एक साल में अरबों डॉलर खर्च किए हैं। और इस खर्च को डोनाल्ड ट्रंप के ‘मेक अमेरिका, ग्रेट अमेरिका’ MAGA कैंपेन के खिलाफ दिखाया जा रहा है. 2024 में राष्ट्रपति चुनाव के दौरान ट्रंप ने जनता को MAGA का नारा दिया था. और कहा गया कि अमेरिका दूसरे देशों में ऑपरेशन या सैन्य कार्रवाई के लिए एक भी रुपया खर्च नहीं करेगा.

ऑपरेशन की अध्यक्षता राज्य सचिव मार्को रुबियो ने की

अमेरिकी आउटलेट एक्सियोस के अनुसार, वेनेजुएला में निकोलस मादुरो के खिलाफ सीआईए ऑपरेशन की अध्यक्षता राज्य सचिव मार्को रुबियो ने की थी। और यदि अभियान विफल हो जाता, तो सारा दोष मार्को रुबियो पर मढ़ा जाता।

मादुरो को पकड़ने में कितने रुपये खर्च हुए?

1. वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को बेअसर करने के लिए अमेरिका ने सितंबर 2005 में ‘ऑपरेशन सदर्न स्पीयर’ नामक एक अभियान शुरू किया। डिफेंस वन मैगजीन के मुताबिक, इस अभियान में 1 युद्धपोत. 1 परमाणु पनडुब्बी, एक गेराल्ड फोर्ड, तैनात की गई थी। इन तीनों की कीमत 40 अरब डॉलर बताई जा रही है.

2. निकोलस मादुरो पर अमेरिका ने 450 करोड़ रुपये का इनाम रखा था. ऑपरेशन के बाद जवानों को यह पुरस्कार दिया गया है. हेलीकॉप्टर के पायलट को 2 मिलियन डॉलर का इनाम दिया गया है. ये पैसा अमेरिकी फंड से दिया गया है. मादुरो पर लादेन करात का दोहरा इनाम था.

3. मादुरो के खिलाफ गुप्त ऑपरेशन CIA ने चलाया था. व्हाइट हाउस के अनुसार, CIA को इस वर्ष संचालित करने के लिए $101 बिलियन का बजट दिया गया था। इसमें से 73 अरब डॉलर ख़ुफ़िया जानकारी जुटाने पर और 28 अरब डॉलर सैन्य अभियानों पर ख़र्च किए गए।

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