पश्चिमी ईरान में सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में चार लोगों की मौत हो गई.
आर्थिक संकट से लोगों का गुस्सा
ईरान में हिंसक विरोध प्रदर्शन जारी है. जनता का गुस्सा चरम पर पहुंच गया है. आर्थिक संकट के कारण लोगों में गुस्सा बढ़ रहा है. इन सबके बीच पश्चिमी ईरान में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पें हो रही हैं. दो मानवाधिकार संगठनों ने आरोप लगाया है कि रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाईं. देशभर के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन जारी है.
174 जगहों पर विरोध प्रदर्शन
नॉर्वे स्थित मानवाधिकार संगठन हांगो ने कहा कि रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने पश्चिमी ईरान के इलम प्रांत के मालेकशाही इलाके में प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की. इसमें ईरान के अल्पसंख्यक समुदाय के 4 लोग मारे गए. संस्था ने कहा कि इस मामले की जांच चल रही है कि दो और लोगों की मौत हुई है या नहीं. गोलीबारी में 12 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. 174 जगहों पर विरोध प्रदर्शन जारी है.
क्यों शुरू हुए प्रदर्शन?
हिंसक प्रदर्शन पिछले हफ्ते शुरू हुए जब तेहरान के मशहूर व्यापारियों ने बढ़ती कीमतों के कारण अपनी दुकानें बंद कर दीं। और ये प्रदर्शन देश के दूसरे शहरों तक फैल गया. तेहरान में 28 दिसंबर 2025 को विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ। महंगाई और आर्थिक संकट के कारण दुकानदारों ने दुकानें बंद कर दीं. तभी ईरानियों का गुस्सा भड़क गया. जबकि ईरानी मुद्रा रियाल एक डॉलर के मुकाबले 14.2 लाख रियाल के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गई.
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