नए साल के करीब आते ही तुर्की की सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकवाद के खिलाफ बड़े कदम उठाए हैं। इस्लामिक स्टेट (आईएस) द्वारा संभावित आतंकवादी हमले की जानकारी मिलने के बाद तुर्की पुलिस ने राजधानी अंकारा, इस्तांबुल और अन्य इलाकों में व्यापक छापेमारी की, जिसमें 100 से अधिक संदिग्ध आतंकवादियों को हिरासत में लिया गया।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक ये संदिग्ध नए साल के जश्न के दौरान देश में अशांति फैलाने की योजना बना रहे थे. इसकी जानकारी मिलते ही तुर्की सरकार और सुरक्षा बल अलर्ट हो गए और कई जगहों पर एक साथ ऑपरेशन शुरू कर दिया.
यालोवा में झड़प के बाद सुरक्षा कड़ी
एक दिन पहले उत्तर-पश्चिमी तुर्की के यालोवा प्रांत में गंभीर झड़पों के बाद ऑपरेशन तेज कर दिया गया था। गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस एक घर में छिपे आतंकवादियों तक पहुंच गई, जहां गोलीबारी शुरू हो गई। इस मुठभेड़ में तीन तुर्की पुलिस अधिकारी और छह आईएस आतंकवादी मारे गए। साथ ही आठ पुलिसकर्मी और एक नाइट गार्ड भी घायल हो गये. इस घटना ने सुरक्षा तंत्र को हाई अलर्ट पर ला दिया, क्योंकि ऐसी आशंका थी कि आतंकवादी क्रिसमस और नए साल की भीड़ का फायदा उठाकर हमला कर सकते हैं।
एक साथ 114 स्थानों पर छपाई
इस्तांबुल मुख्य अभियोजक कार्यालय ने बताया कि मंगलवार को इस्तांबुल समेत दो अन्य प्रांतों में कुल 114 अलग-अलग स्थानों पर छापे मारे गए। इस ऑपरेशन के दौरान 110 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया. अधिकारियों के अनुसार, कुछ संदिग्ध सीधे तौर पर यालोवा में पुलिस पर हमला करने वाले आतंकवादियों से जुड़े थे, जबकि अन्य पर नए साल के आसपास संभावित हमले की योजना बनाने का आरोप है।
चैरिटी के नाम पर टेरर फंडिंग का जाल
जांच से यह भी पता चला कि हिरासत में लिए गए लोगों में से कई लोग धार्मिक और धर्मार्थ गतिविधियों की आड़ में दान इकट्ठा कर रहे थे और उस आय को सीरिया में सक्रिय इस्लामिक स्टेट नेटवर्क को भेज रहे थे। तुर्की सरकार ने साफ कर दिया है कि आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
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