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थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सार्वजनिक तनाव के बीच दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने सोमवार को चीन के युन्नान प्रांत में चीनी विदेश मंत्री से मुलाकात की. चीन अब दोनों देशों के बीच युद्ध के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और इसके जरिए चीन दुनिया की वैश्विक कूटनीति में अपनी उपस्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
चीन में दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की मुलाकात हुई
थाईलैंड और कंबोडिया के विदेश मंत्रियों की चीन यात्रा दोनों देशों के बीच हाल ही में युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर के बाद हुई है। युद्धविराम के साथ ही दोनों देशों के बीच युद्ध फिलहाल काफी हद तक रुक गया है. अब तक 100 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और सीमा के दोनों ओर हजारों लोगों को परेशान किया गया है। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने थाईलैंड और कंबोडिया के विदेश मंत्रियों की बैठक बुलाई.
सबसे पहले ट्रंप की मध्यस्थता के बाद युद्धविराम हुआ
गौरतलब है कि थाईलैंड-कंबोडिया सीमा पर एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आया. एक दूसरे पर हो रहे कई हमलों से लोग परेशान हो चुके हैं. जुलाई महीने के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों देशों के बीच युद्धविराम की मध्यस्थता की थी. लेकिन ट्रंप की संघर्ष विराम नीति विफल रही और शांति समझौते के कुछ ही महीनों के भीतर थाईलैंड और कंबोडिया की सीमाओं पर भीषण युद्ध छिड़ गया है. थाई सेना कंबोडियाई सीमा पर हवाई हमले करने के लिए F-16 जेट तैनात कर रही है। दोनों देशों के बीच हुई झड़प में एक थाई सैनिक की मौत हो गई है और चार अन्य घायल हो गए हैं.