इंडोनेशिया के सुमात्रा क्षेत्र के तीन प्रांतों में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने कहर बरपाया है। देश की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी ने शनिवार को कहा कि इस आपदा में कुल 303 लोगों की मौत हो गई है और 279 लोग अभी भी लापता हैं. राहत एवं बचाव कार्य जारी है.
इंडोनेशिया के सुमात्रा क्षेत्र में भारी बारिश के कारण आई बाढ़ और भूस्खलन से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 250 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं. हजारों लोगों ने अपने घर और आश्रय खो दिए हैं। कई इलाके पूरी तरह से कट गये हैं. राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया और कहा कि सेना, पुलिस और स्वयंसेवी संगठनों की सभी टीमें दिन-रात लगातार काम कर रही हैं। सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मदद की पेशकश भी स्वीकार कर ली है
300 से ज्यादा लोग मारे गये
बाढ़ से अब तक 303 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 279 लोग अब भी लापता हैं. हजारों लोग बेघर हो गए हैं और कई इलाके पूरी तरह से कट गए हैं. सबसे ज्यादा मौतें उत्तरी सुमात्रा में हुई हैं. यहां 166 लोगों की मौत हो चुकी है और 143 लोग लापता हैं. पश्चिमी सुमात्रा में 90 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और 85 लोग लापता हैं. जबकि आचे में 47 लोगों की मौत की खबर है और 51 लोग लापता हैं.
पूरे-के-पूरे गाँव बाढ़ में डूब गये
अधिकारियों ने कहा कि भारी बारिश के कारण नदियाँ उफान पर हैं और पहाड़ी इलाकों में बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ है। कई गांव पूरी तरह से पानी में डूब गए हैं. टूटी सड़कों और पुलों के कारण राहत टीमों को वहां पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. हेलीकॉप्टर और नावों की मदद से लोगों को निकाला जा रहा है.