सऊदी रियाल बनाम भारतीय रुपया: सऊदी रियाल और भारतीय रुपये में क्या अंतर है? हजारों भारतीय सऊदी में क्यों काम करते हैं?

Neha Gupta
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दुनिया के कई देशों में काम करने वाले भारतीयों की सबसे बड़ी संख्या खाड़ी देशों में पाई जाती है, जिसमें सऊदी अरब सबसे आगे है। लेकिन सवाल ये है कि भारतीय सऊदी में काम करने के लिए इतने उत्सुक क्यों हैं? इसका मुख्य कारण सऊदी रियाल और भारतीय रुपये के बीच बड़ा अंतर है।

सऊदी अरब की मुद्रा, सऊदी रियाल, मूल्य में सराहना करती है

सऊदी अरब की मुद्रा को सऊदी रियाल (SAR) कहा जाता है। इसका मूल्य भारतीय रुपये (INR) की तुलना में बहुत अधिक है, 1 सऊदी रियाल = 22 से 23 भारतीय रुपये (बाज़ार दर के अनुसार परिवर्तन के अधीन)।

अगर कोई व्यक्ति सऊदी में 1000 रियाल कमाता है, तो यह भारतीय रुपये में लगभग 22,000-23,000 रुपये है।

हालांकि जरूरी नहीं कि वही काम भारत में उतनी कमाई करे, लेकिन यह उच्च टर्नओवर भारतीयों को सऊदी में काम करने के लिए प्रोत्साहित करता है।

भारतीय सऊदी अरब में नौकरियाँ क्यों चुनते हैं?

1. उच्च वेतन और मजबूत मुद्रा

चूंकि सऊदी रियाल का मूल्य अधिक है, इसलिए रुपये में बदलने पर वहां की कमाई बहुत अधिक होती है।

2. कर-मुक्त आय

सऊदी अरब में अधिकांश नौकरियों पर आयकर नहीं लगता है। इसलिए, कमाई का बड़ा हिस्सा सीधे परिवार को जाता है।

3. नौकरी के भरपूर अवसर

सऊदी में विभिन्न क्षेत्रों में भारतीयों की भारी मांग है:

निर्माण

होटल एवं आतिथ्य

ड्राइविंग

सुरक्षा

स्वास्थ्य देखभाल

तेल और गैस क्षेत्र

कम पढ़े-लिखे लोग भी अच्छी कमाई कर सकते हैं

4. परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारें

पैसे बचाकर सऊदी में काम कर रहा हूं

घर बनाता है

बच्चों को अच्छी शिक्षा देते हैं

व्यवसाय प्रारंभ

कर्ज चुकाओ

इसलिए सऊदी कई परिवारों के लिए जीवन बदलने वाली यात्रा बन गई है

सऊदी में नौकरी की चुनौतियाँ

लाभ के साथ-साथ कुछ चुनौतियाँ भी आती हैं:

अत्यधिक गर्मी

लंबे काम के घंटे

परिवार से दूरी

संस्कृति में बदलाव

अनुबंध आधारित नौकरियाँ

लेकिन बढ़ती कमाई ने इन चुनौतियों को दूर कर दिया

भारत-सऊदी अरब संबंध

भारत और सऊदी अरब के बीच संबंध न केवल आर्थिक, बल्कि सांस्कृतिक और राजनीतिक भी हैं। किंग सलमान के शासनकाल में दोनों देशों के बीच व्यापार और राजनयिक संबंध मजबूत हुए हैं। भारत से सऊदी अरब आने वाले पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सांस्कृतिक आदान-प्रदान ने दोनों देशों को करीब ला दिया है।

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