मध्य पूर्व में जारी युद्ध के बीच पाकिस्तान की सक्रियता उस पर भारी पड़ती दिख रही है. ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद पाकिस्तान लगातार हर मोर्चे पर सक्रिय था, लेकिन अब उसे इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है.
जहां पाकिस्तान को ईरान और अमेरिका दोनों के साथ रिश्ते सुधारना मुश्किल हो रहा है, वहीं सऊदी अरब के खुले रुख ने उसकी स्थिति और कमजोर कर दी है। इस बीच पाकिस्तान खुद को शांतिदूत के तौर पर पेश कर रहा था, लेकिन ये कोशिश भी नाकाम रही. अब उसे अपने किये का परिणाम भुगतना पड़ता नजर आ रहा है.

कतर ने पाकिस्तान को दिया बड़ा झटका
कतर सरकार ने पाकिस्तानी नागरिकों के लिए आगमन पर वीजा सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। इस फैसले से कतर की यात्रा करने वाले पाकिस्तानियों के लिए काफी मुश्किलें पैदा हो जाएंगी। पाकिस्तानी दूतावास ने मंगलवार को एक एडवाइजरी जारी कर कहा कि बिना वीजा के कतर पहुंचने वाले यात्रियों को हवाई अड्डे पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है और उन्हें प्रवेश से भी वंचित किया जा सकता है।
दूतावास अलर्ट
कतर में पाकिस्तानी दूतावास ने साफ कहा है कि मौजूदा हालात के कारण फिलहाल वीजा-ऑन-अराइवल उपलब्ध नहीं है। सभी पाकिस्तानी नागरिकों को कतर की यात्रा से पहले आवश्यक वीजा प्राप्त करना होगा, अन्यथा उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
दूतावास ने यह भी कहा कि अब कतर की यात्रा से पहले वीजा प्राप्त करना अनिवार्य है। एक नई यात्रा सलाह में कतर की मौजूदा स्थिति को इसका कारण बताया गया है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा से पहले आधिकारिक वेबसाइटों और अन्य स्रोतों से परामर्श लें और यदि आवश्यक हो तो कतर के अधिकारियों या वीज़ा केंद्रों से संपर्क करें।
जहां पाकिस्तान इस चुनौती का सामना कर रहा है, वहीं कतर के भारत के साथ अच्छे संबंधों के नतीजे साफ दिख रहे हैं। युद्ध जैसी स्थिति के बावजूद भारतीय नागरिकों के लिए आगमन पर वीज़ा की सुविधा उपलब्ध है। 28 फरवरी, 2026 से, कतर सरकार ने कतर में पहले से रह रहे सभी लोगों के लिए प्रवेश वीजा की वैधता स्वचालित रूप से 30 दिनों तक बढ़ा दी।

भारतीय पर्यटकों के लिए नियम
नए भारतीय पर्यटकों के लिए आगमन पर वीज़ा की आवश्यकताएं समान रहेंगी, जिसमें होटल बुकिंग की आवश्यकता भी शामिल है। महत्वपूर्ण बात यह है कि युद्ध के दौरान भी यह सुविधा भारतीयों के लिए बंद नहीं थी। सामान्य परिस्थितियों में कतर की यात्रा के लिए कम से कम 6 महीने के लिए वैध पासपोर्ट की आवश्यकता होती है। एक पुष्टिकृत वापसी या आगे की यात्रा टिकट भी आवश्यक है, और स्वास्थ्य बीमा अनिवार्य है। कतर अभी भी भारतीय पासपोर्ट धारकों को आगमन पर 30 दिनों का निःशुल्क वीज़ा प्रदान करता है।
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