नेपाल के नवनियुक्त प्रधानमंत्री बालेन शाह ने पद संभालते ही आक्रामक रुख अपना लिया है। सरकार ने शुक्रवार को पहली कैबिनेट बैठक में ऐतिहासिक फैसला लेते हुए पिछले साल ‘जेन जेड’ विरोध प्रदर्शन के दौरान लापरवाही बरतने वाले शीर्ष अधिकारियों की गिरफ्तारी का आदेश दिया है। इसके तहत नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश उख्तर को गिरफ्तार कर लिया गया है.
जांच आयोग की रिपोर्ट का सख्ती से क्रियान्वयन
सरकार के प्रवक्ता और विज्ञान प्रौद्योगिकी मंत्री सस्मित पोखरेल ने कहा कि गौरी बहादुर कार्की की अध्यक्षता वाले उच्च स्तरीय जांच आयोग की रिपोर्ट तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो गया कि उस समय जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों ने आंदोलन के दौरान घोर लापरवाही बरती थी।
10 वर्ष कारावास की सिफ़ारिश की गई
कैबिनेट के फैसले के मुताबिक, मामले में गिरफ्तार सभी आरोपियों के खिलाफ अधिकतम 10 साल की जेल की सिफारिश की गई है. इसके अलावा तत्कालीन पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) चंद्र कुबेर खापुंग और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी की गई है.