रायपुर: दुनिया के बड़े झटकों के बीच भारत कैसे अड़ा रहा? विदेश मंत्री ने बताई वजह

Neha Gupta
3 Min Read

उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले एक दशक में पूरी दुनिया ने भारी उथल-पुथल देखी है. कोरोना महामारी, मध्य पूर्व जैसे क्षेत्रों में चल रहे वैश्विक संघर्ष और तेजी से बदलती मौसम स्थितियों ने हर देश की परीक्षा ली है। जयशंकर के मुताबिक, इन तमाम बाहरी झटकों के बावजूद भारत आज एक मजबूत वैश्विक शक्ति बनकर उभरा है और विश्व कूटनीति में अपनी एक खास पहचान बना चुका है।

कैसे बड़ी चुनौतियाँ हमारे जीवन को पूरी तरह से बदल देती हैं

उन्होंने विस्तार से बताया कि कैसे इन बड़ी चुनौतियों ने हमारे जीवन को पूरी तरह से बदल दिया है। महामारियों ने कामकाज के तरीकों में बड़े बदलाव लाये हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय संघर्षों ने दूर-दराज के समाजों पर भी गहरा प्रभाव डाला है। जयशंकर का मानना ​​है कि इतनी बड़ी कठिनाइयों के बावजूद भारत का दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय निर्णायक नेतृत्व और देश के समावेशी विकास को दिया, जिसने हर वर्ग को आगे बढ़ाया है।

डिजिटल क्रांति और आत्मनिर्भरता – भारत का सुरक्षा कवच

जयशंकर ने भारत की ताकत के पीछे दो मुख्य कारण बताए- डिजिटल क्रांति और आत्मनिर्भरता। उन्होंने कहा कि भारत ने न केवल प्रौद्योगिकी को अपनाया है, बल्कि इसे अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाया है। आज कई विकसित देश भी भारत की डिजिटल ताकत से आश्चर्यचकित हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज बड़े खतरों से बचने का सबसे प्रभावी तरीका हमारी राष्ट्रीय क्षमताओं को बढ़ाना है। “आत्मनिर्भर भारत” सिर्फ एक परिकल्पना नहीं, बल्कि वर्तमान युग की आवश्यकता है।

खाद्य, स्वास्थ्य और ऊर्जा सुरक्षा के बारे में बात करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि आज की दुनिया में प्रौद्योगिकी और संसाधनों का इस्तेमाल एक-दूसरे के खिलाफ हथियार के रूप में किया जा रहा है। ऐसे में हमें उन क्षेत्रों में मजबूत होना होगा जो हमारे नियंत्रण में हैं।’ जहां हम सीधे तौर पर कुछ नहीं कर सकते, वहां हमें भरोसेमंद साझेदारों के साथ मिलकर काम करना होगा।’ जयशंकर ने स्पष्ट किया कि सरकार की विदेश नीति अब भारतीय निर्माताओं के लिए नए बाजार खोजने और संकट के समय में अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर अधिक केंद्रित है।

अंततः उन्होंने स्नातक कर रहे विद्यार्थियों को भविष्य की जिम्मेदारी सौंपी। जयशंकर ने कहा कि यह पीढ़ी बहुत भाग्यशाली है क्योंकि यह विकसित भारत के सपने को साकार होते देखेगी। आज का भारत विकास के पथ पर लंबी छलांग लगाने को तैयार है और “ब्रांड इंडिया” दुनिया भर में एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में पहचान बना रहा है।

Source link

Share This Article