भारतीय वायुसेना की ताकत में बड़ा इजाफा होने जा रहा है। भारत सरकार फ्रांस से 114 और राफेल खरीदने की योजना बना रही है. इस सप्ताह 3.25 लाख करोड़ रुपये के सौदे पर बातचीत होने की उम्मीद है। इनमें से अधिकांश राफेल का निर्माण भारत में किया जाएगा, जिनमें लगभग 30% घटक और तकनीक स्वदेशी होंगे।
आत्मनिर्भर भारत के लिए ये डील अहम है
दोनों देशों के बीच हुई इस डील से न सिर्फ भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ेगी बल्कि भारत में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग को भी नई दिशा मिलेगी। आत्मनिर्भर भारत के लिए यह डील अहम मानी जा रही है. रक्षा सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, वायुसेना की मौजूदा जरूरतों को पूरा करने के लिए 12 से 18 राफेल जेट इस्तेमाल के लिए तैयार स्थिति में सीधे फ्रांस से खरीदे जा सकते हैं। प्रस्ताव में इसका जिक्र है.
विमान का सोर्स कोड फ्रांस के पास रहेगा
भारत इन फ्रांसीसी विमानों को भारत में बने हथियारों और प्रणालियों से लैस करना चाहता है। इसे हासिल करने के लिए वह फ्रांस से तकनीकी सहायता मांग रहा है। विमान का सोर्स कोड फ्रांस के पास रहेगा, लेकिन भारत अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप इसे संशोधित करने की लचीलापन चाहता है। इन सभी मुद्दों पर आखिरकार इस हफ्ते रक्षा मंत्रालय की उच्च स्तरीय बैठक में चर्चा होगी.
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