राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने अप्रत्यक्ष रूप से युद्ध में रसिया की ओर इशारा करते हुए कहा कि यूक्रेन के नए मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण रूस में गैस की कमी हो गई है।
रूस में गैस की कमी!
विशेषज्ञों का मानना है कि रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध से साफ पता चल रहा है कि इस युद्ध में रूस यूक्रेन पर भारी पड़ रहा है और यही कारण है कि संयुक्त राष्ट्र के देश इस युद्ध में यूक्रेन के साथ इकट्ठा होकर खड़े हो गए हैं। राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने दावा किया है कि यूक्रेन के नए मिसाइल और ड्रोन हमलों से रूस में गैस की कमी हो गई है और यह रूस के लिए एक बड़ी हार साबित हुई है।
रूसी गैस डिपो पर हमला
यूक्रेन का दावा है कि यूक्रेन अब इस युद्ध में रूस को जवाब दे रहा है. यूक्रेन का दावा है कि यूक्रेन की सेना ने नई मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल कर रूसी गैस डिपो और पाइपलाइनों को गंभीर नुकसान पहुंचाया है. यूक्रेन का दावा है कि यही वजह है कि रूस में मौजूदा समय में गैस की कमी है.
“एक नए हथियार की बड़ी सफलता”
मिली जानकारी के मुताबिक यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने दावा किया है कि रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध में यूक्रेन द्वारा हमला की गई नई लंबी दूरी की मिसाइलों और ड्रोनों पर अंकुश लगाने में रूसी सेना कमज़ोर साबित हुई है। यूक्रेन के इन नए हथियारों ने उसे इस युद्ध में रूस जैसे बड़े देश के खिलाफ बड़ी सफलता दिलाई है, लेकिन रूस इस बात को कभी स्वीकार नहीं करेगा।