यूएस-इजरायल ईरान स्ट्राइक: क्या रूस ईरान को इजरायल-अमेरिका हमले से बचाएगा?

Neha Gupta
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अमेरिका और इजराइल के संयुक्त सैन्य हमले के बाद वैश्विक राजनीति में भूचाल आ गया है. रूस की ओर से यह प्रतिक्रिया राजधानी तेहरान में कई विस्फोटों और पूरे ईरान में हमलों की खबरों के बीच आई है। रूसी सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि ट्रंप ने एक बार फिर अपना ‘असली रंग’ दिखाया है.

इजराइल ने शनिवार को ईरान के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन चलाया

रूस ने कहा कि स्वयंभू ‘शांति निर्माता’ ट्रंप ने फिर से सैन्य रास्ता चुना है। यह बयान तब आया है जब अमेरिका और इजराइल ने शनिवार को ईरान के खिलाफ एक बड़ा अभियान शुरू किया है। शुरुआती हमले की खबर तेहरान से आई, जहां सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के दफ्तर के पास धमाके की खबर सामने आई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के कई हिस्सों में हवाई हमले हुए और राजधानी के ऊपर धूल के गुबार उड़ते देखे गए.

ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहा है: ट्रंप

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश में कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान में एक बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लगातार आगे बढ़ा रहा है और ऐसी मिसाइलें विकसित कर रहा है जो संयुक्त राज्य अमेरिका तक पहुंच सकती हैं। ट्रंप का कहना है कि अमेरिकी जनता की सुरक्षा के लिए यह कार्रवाई जरूरी थी।

रूस ने पूरे अभियान को खतरनाक और अस्थिर करने वाला कदम बताया है. विशेषज्ञों का कहना है कि रूस के रुख से संकेत मिलता है कि वह ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का समर्थन नहीं करेगा और राजनयिक स्तर पर अमेरिका को रोकने की कोशिश कर सकता है।
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