बांग्लादेश राजनीतिक प्रोफ़ाइल: कौन हैं तारिक रहमान, जिनके हाथों में बांग्लादेश ने सौंपी सत्ता की बागडोर?

Neha Gupta
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लंबे राजनीतिक उतार-चढ़ाव और 17 साल के विदेश प्रवास के बाद उनकी वापसी को बांग्लादेशी राजनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। तारिक रहमान ने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत छात्र राजनीति से की।

उनके राजनीतिक करियर में कई विवाद और कानूनी मुद्दे भी शामिल रहे

वह बीएनपी की युवा शाखा में शामिल हो गए और धीरे-धीरे पार्टी में मजबूत पकड़ बना ली। संगठनात्मक कौशल और राजनीतिक रणनीति में निपुण, वह पार्टी के महत्वपूर्ण निर्णय निर्माताओं में से एक बन गए। हालाँकि, उनका राजनीतिक करियर कई विवादों और कानूनी मुद्दों से घिरा रहा, जिसके कारण उन्हें देश से बाहर रहना पड़ा।

करीब 17 साल बाद उनकी सक्रिय राजनीतिक वापसी हुई

करीब 17 साल बाद सक्रिय राजनीति में उनकी वापसी को बीएनपी समर्थकों के लिए ऐतिहासिक माना गया. उन्हें पार्टी के पुनर्गठन, कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की प्रक्रिया और चुनाव रणनीति तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का श्रेय दिया जाता है। हाल के चुनावों में पार्टी की सफलता में उनकी रणनीति भी अहम मानी जा रही है.

अब जब सत्ता की बागडोर उनके हाथ में आने की बात हो रही है तो इसे बांग्लादेशी राजनीति में पीढ़ीगत बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है. समर्थकों का मानना ​​है कि वे आर्थिक सुधारों, सुशासन और संस्थागत मजबूती पर ध्यान केंद्रित करेंगे। उनकी वापसी को सिर्फ व्यक्तिगत राजनीतिक वापसी नहीं बल्कि बदलती राजनीतिक दिशा का प्रतीक माना जा रहा है.

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