बांग्लादेश में आम चुनाव के लिए मतदान जारी है, ऐसे में एक हिंदू युवक की हत्या राजनीतिक और सामाजिक चिंताएं बढ़ा रही है। मौलवी बाजार जिले के चम्पारा इलाके में एक चाय बागान में 28 वर्षीय रतन साहूकार का शव मिलने के बाद इलाके में तनाव फैल गया है.
रतन साहूकार रोज की तरह काम पर गये थे
जानकारी के मुताबिक, रतन साहूकार रोज की तरह काम पर गये थे. वह एक चाय बागान में मजदूर के रूप में काम कर रहा था। लेकिन बुधवार सुबह करीब 10 बजे साथियों को उसका शव बगीचे में पड़ा मिला। रतन के हाथ-पैर रस्सियों से बंधे हुए थे। उसके शरीर पर गहरे घाव थे और वह खून से लथपथ पाया गया था। प्रथमदृष्टया ऐसा लग रहा है कि पहले उसे बंधक बनाया गया और फिर बेरहमी से हत्या कर दी गयी.
पुलिस मौके पर पहुंची
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आसपास के इलाकों में जांच शुरू कर दी है. पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या यह हत्या चुनाव संबंधी हिंसा या व्यक्तिगत दुश्मनी से जुड़ी है।
सोची समझी हत्या हो सकती है
रतन के परिवार और सहकर्मियों का कहना है कि यह सोची समझी हत्या हो सकती है. उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. चुनाव से एक दिन पहले हुई इस घटना से अल्पसंख्यक समुदाय में भय व्याप्त हो गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव के दौरान सुरक्षा कड़ी होनी चाहिए, लेकिन ऐसी घटना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती है. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मृतक के शरीर पर धारदार हथियार से हमला किया गया है। उसके शरीर पर लगे गहरे घाव उसकी नृशंस हत्या की गवाही दे रहे हैं। मौके पर मिले प्राथमिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस विभिन्न दिशाओं में जांच कर रही है।
चुनाव के दौरान शांतिपूर्ण माहौल
चुनाव के दौरान शांतिपूर्ण माहौल बनाये रखने के लिए प्रशासन की ओर से सुरक्षा बलों की तैनाती की गयी है. हालांकि इस घटना से स्थानीय लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ गयी है. फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और स्थानीय लोगों से पूछताछ के आधार पर जांच कर रही है। पुलिस ने आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन भी दिया है. महत्वपूर्ण चुनाव के समय हुई इस घटना ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर बहस छेड़ दी है। अब जांच के नतीजे आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि इस घटना के पीछे असली मकसद क्या था.
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