पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष अब दसवें दिन में प्रवेश कर चुका है और और विनाशकारी होता जा रहा है. अमेरिका और इजराइल के लगातार हमलों से बौखलाए ईरान ने अब खाड़ी देशों में रणनीतिक ठिकानों और तेल भंडारों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है।
बहरीन में ड्रोन हमला
बहरीन में युद्ध शुरू होने के बाद से यह सबसे बड़ा हमला है. ईरानी ड्रोन हमले में बहरीन की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया गया। बहरीन के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, हमले में दो महीने के बच्चे सहित 32 नागरिक घायल हो गए। खाड़ी क्षेत्र में अब तक कुल 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें सुरक्षाकर्मी और विदेशी कर्मचारी शामिल हैं।
सऊदी अरब और अन्य देशों को खतरा
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसने एक आत्मघाती ड्रोन को हवा में मार गिराया जो शायबा तेल क्षेत्र की ओर जा रहा था। सौभाग्य से, इस घटना में तेल क्षेत्र को कोई नुकसान नहीं हुआ। कतर, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात में रात भर हमलों की भी खबरें आईं।
अमेरिका का सख्त रवैया और भारत की नजर
अमेरिकी दूतावास पर हमले के बाद अमेरिकी सरकार ने अपने गैर जरूरी कर्मचारियों को तुरंत देश छोड़ने का आदेश दिया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सख्त रुख के कारण यह संघर्ष अब वैश्विक राजनीतिक संकट में तब्दील होता दिख रहा है। वहीं भारत सरकार ने भी इस बदलते हालात पर चिंता जताई है और भारतीयों की सुरक्षा के लिए स्थिति पर करीब से नजर रख रही है.
ईरान ने अमेरिका को दी आखिरी चेतावनी
ईरान ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर इजरायल और अमेरिका ने उसके ठिकानों पर हमले बंद नहीं किए तो वह पूरे क्षेत्र के बुनियादी ढांचे पर हमले तेज कर देगा. इससे वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित हो सकती है।