मध्य पूर्व में चल रहा संघर्ष अब बेहद भयावह दौर में पहुंच गया है. ईरान ने शनिवार सुबह-सुबह 4000 किलोमीटर तक मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर दुनिया को चौंका दिया है. यह परीक्षण हिंद महासागर में अमेरिकी सैन्य अड्डे ‘डिएगो गार्सिया’ की ओर किया गया, जिससे वाशिंगटन और तेल अवीव की नींद उड़ गई है।
ईरानी कमांडर की धमकी
ईरानी सैन्य कमांडर सैयद माजिद मौसवी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर विजयी रूप से घोषणा की कि ईरानी मिसाइलें अब इजरायली आसमान पर हावी हो गई हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान अब नई रणनीति और लॉन्च सिस्टम का उपयोग करेगा जिसकी अमेरिका और इजरायली रक्षा कमांडरों ने कभी कल्पना नहीं की थी। मौसवी के मुताबिक, अगले हमले इतने बड़े होंगे कि इजराइल का दक्षिणी हिस्सा घंटों तक मिसाइलों की रोशनी से जगमगाता रहेगा।
आईडीएफ की वैश्विक चेतावनी, लंदन और पेरिस भी खतरे में
इजराइल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए दुनिया के देशों को अलर्ट कर दिया है। आईडीएफ ने कहा कि उसने जून 2025 में खुलासा किया था कि ईरान 4,000 किलोमीटर की दूरी तक मार करने वाली मिसाइलें विकसित कर रहा है, हालांकि तेहरान ने उस समय इससे इनकार किया था। अब ये मिसाइलें हकीकत बन गई हैं, जिसका मतलब है कि ईरान अब न केवल इजरायल, बल्कि लंदन, पेरिस और बर्लिन जैसे यूरोपीय शहरों पर भी हमला करने की क्षमता रखता है। ईरान अब सिर्फ एक क्षेत्रीय नहीं, बल्कि एक वैश्विक आतंकवादी खतरा बन गया है।
इजराइल पीछे नहीं हटेगा
ईरान के इस शक्ति प्रदर्शन के बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने माना है कि यह उनके भविष्य के लिए बेहद कठिन समय है. उन्होंने अराद के मेयर से बात की और नागरिकों की सुरक्षा का आश्वासन दिया और सभी सरकारी मंत्रालयों को आपातकालीन स्थितियों के लिए तैयार रहने का आदेश दिया। नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि इजरायल अपने दुश्मनों पर हर मोर्चे पर हमला जारी रखेगा और किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेगा.