दुश्मन तो हजार मिलें…पर दोस्त धोखेबाज नहीं मिलने चाहिए। ऐसी ही स्थिति श्रीलंका में होगी. आज श्रीलंका सरकार और उसके बाढ़ पीड़ित पाकिस्तान के पक्ष में बोलेंगे…चक्रवात दितावा ने भारत के पड़ोसी देश श्रीलंका में काफी नुकसान पहुंचाया है. भारत समेत कई देश वहां राहत सामग्री भेज रहे हैं. लेकिन पाकिस्तान ने सारी हदें पार कर दी हैं. शाहबाज शरीफ ने मदद के नाम पर श्रीलंका को जो राहत सामग्री भेजी थी, वह एक्सपायरी डेट की थी. पाकिस्तान ने तुर्की के साथ भी ऐसी ही धोखाधड़ी की.
श्रीलंका में खुली पाकिस्तान की ‘फर्जी मदद’ की पोल!
दरअसल, श्रीलंका में भारत का राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है. इस बीच पाकिस्तान ने खुद को बड़ा दिखाने के लिए फटाफट खाने का सामान भेजा और अपनी छवि बढ़ाने के लिए श्रीलंका स्थित पाकिस्तानी दूतावास के एक्स हैंडल से तस्वीरें भी शेयर कीं. लेकिन इसकी मजबूरी ज्यादा दिनों तक नहीं टिकी. जब लोगों ने खाने के सामान की फोटो को ज़ूम करके देखा तो उन्हें 2024 की एक्सपायरी डेट दिखी. तो मदद के नाम पर पाकिस्तान ने पहले से ही मुसीबत में फंसे श्रीलंकाई लोगों को नई मुसीबत दे दी है. इसे लेकर सोशल मीडिया पर हंगामा मच गया है.
तुर्की के साथ भी ऐसी ही धोखाधड़ी हुई थी
2023 में तुर्की में आए भूकंप के बाद भारत ने बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान चलाया और टनों राहत सामग्री भेजी. तो फिर अपने ‘दुखी पड़ोसी’ से कैसे पीछे रहें? जब दुनिया में भारत की तारीफ होने लगी तो शाहबाज शरीफ खुद राहत सामग्री लेकर तुर्की पहुंच गए. लेकिन जब इसकी बारीकी से जांच की गई तो पता चला कि यह वही सामग्री थी, जो बाढ़ के दौरान तुर्की ने पाकिस्तान को दी थी. इसलिए पाकिस्तान ने तुर्की का सामान उसे लौटा दिया.
यह भी पढ़ें: इमरान खान के मुद्दे पर झुकी सरकार, बहन से मिलने की मिली इजाजत