दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में एक बड़ा मोड़ आया है। अफगानिस्तान और पाकिस्तान में सत्तारूढ़ तालिबान के बीच जारी संघर्ष अब चौथे दिन भी खूनी हो गया है। अफगान तालिबान के रक्षा मंत्रालय ने चौंकाने वाला दावा किया है कि उन्होंने पाकिस्तानी हवाई हमलों के जवाब में पाकिस्तान के अत्यधिक सुरक्षित सैन्य ठिकानों पर सफल हवाई हमले किए हैं।
तालिबान ने जवाबी हमला किया
तालिबान के मुताबिक, उनकी वायु सेना ने रावलपिंडी में पाकिस्तान के नूर खान एयरबेस, क्वेटा में 12वीं कोर और खैबर पख्तूनख्वा में गलानी सैन्य अड्डे पर सटीक हमले किए। दावा किया गया है कि इन हमलों में पाकिस्तानी सेना को भारी नुकसान हुआ है. तालिबान ने साफ कर दिया है कि अगर पाकिस्तान ने दोबारा उनके हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया तो और भी खतरनाक जवाबी कार्रवाई होगी.
पाकिस्तान द्वारा काबुल एवं बगराम पर आक्रमण
संघर्ष तब शुरू हुआ जब पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने अफगान हवाई क्षेत्र में प्रवेश किया और काबुल और बगराम हवाई अड्डों पर बमबारी की। अल-जज़ीरा की एक रिपोर्ट के अनुसार, काबुल में बड़े विस्फोट सुने गए और तालिबान बलों ने मिसाइल रक्षा प्रणालियों के माध्यम से पाकिस्तानी विमानों पर गोलीबारी की। गौरतलब है कि बगराम एक पूर्व अमेरिकी सैन्य अड्डा है, जिसमें डोनाल्ड ट्रंप पहले भी दिलचस्पी दिखा चुके हैं. तालिबान का दावा है कि उन्होंने बगराम पर पाकिस्तानी हमले को नाकाम कर दिया.
दोनों देशों ने सेना तैनात कर दी
इन घटनाओं ने पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के संबंधों को इतिहास के सबसे निचले स्तर पर पहुंचा दिया है. अभी तक पाकिस्तानी सरकार ने इन हवाई हमलों और सैन्य प्रतिष्ठानों को हुए नुकसान पर कोई आधिकारिक चुप्पी नहीं तोड़ी है, लेकिन दोनों देशों ने सीमावर्ती इलाकों में भारी सेना तैनात कर दी है.
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