सुरक्षा पर ख़तरा देख अमेरिका ने ईरान पर हमला कर उसका परमाणु कार्यक्रम ख़त्म कर दिया.
परमाणु खतरे का मुकाबला
अमेरिका के निशाने पर सिर्फ ईरान ही नहीं है बल्कि सभी देश मिसाइलों से अमेरिका पर नजरें गड़ाए हुए हैं. इस मामले को लेकर अमेरिकी नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर तुलसी गबार्ड ने सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी के सामने खुलेआम चेतावनी दी है. चीन, रूस, ईरान और उत्तर कोरिया के साथ-साथ पाकिस्तान को भी इस देश की कतार में रखा गया है. इस देश का मिसाइल सिस्टम अमेरिका के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। सुरक्षा के लिहाज से अमेरिका पाकिस्तान को अपना परमाणु खतरा मानता है.
तुलसी गब्बार्ड का बयान
खुफिया विभाग की निदेशक तुलसी गबार्ड ने कहा कि रूस, चीन, उत्तर कोरिया, ईरान और पाकिस्तान नई उन्नत मिसाइल डिलीवरी प्रणाली विकसित कर रहे हैं। तुलसी गबार्ड ने आगे कहा कि ईरान की तकनीक 2035 से पहले अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों को विकसित करने और उनका उपयोग करने की है। उनके बयान ने पाकिस्तान की लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों की ओर ध्यान आकर्षित किया।
कौन सी पाकिस्तानी मिसाइल अमेरिका के लिए खतरा है?
अमेरिका जिसे सबसे खतरनाक मानता है वह यह है कि पाकिस्तान की लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल विकास में अब आईसीबीएम तक पहुंचने की क्षमता है। अमेरिकी खुफिया का अनुमान है कि पाकिस्तान की मौजूदा शाहीन-III मिसाइलों को तकनीकी रूप से आईसीबीएम में परिवर्तित या विस्तारित किया जा सकता है। शाहीन-III वर्तमान में 2,750 किलोमीटर की रेंज वाली एक मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है, जो पूरे भारत को कवर करती है।
शाहीन मिसाइल की विशेषताएं
1.पाकिस्तान की बैलिस्टिक मिसाइलों की रेंज, परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम
2.राष्ट्रीय विकास परिसर द्वारा विकसित
3. ठोस ईंधन द्वारा संचालित, तेजी से प्रक्षेपण की अनुमति देता है
4. शाहीन-I, शाहीन-II, और शाहीन-III संस्करण
5. लगभग 750 किमी से 2,750 किमी तक की रेंज
6. मोबाइल लॉन्चर से दागा जा सकता है, उच्च सटीकता और उच्च गति इसकी विशेषताएं हैं
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