अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक (डीएनआई) तुलसी गबार्ड ने हाल ही में अमेरिकी सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी में पेश की गई एक रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। गबार्ड ने स्पष्ट रूप से कहा है कि पाकिस्तान और चीन के साथ-साथ रूस, उत्तर कोरिया और ईरान के परमाणु हथियार अब सीधे तौर पर अमेरिकी मुख्य भूमि के लिए बड़ा खतरा पैदा कर रहे हैं। इस रिपोर्ट ने वैश्विक स्तर पर रक्षा विशेषज्ञों के बीच चिंता बढ़ा दी है।
2035 तक जोखिम में दस गुना वृद्धि
तुलसी गबार्ड ने चेतावनी दी है कि जिस तरह से ये देश अपनी परमाणु क्षमताओं का विस्तार कर रहे हैं, उसे देखते हुए 2035 तक अमेरिका पर परमाणु पेलोड हमले का खतरा दस गुना बढ़ सकता है। रूस, चीन और पाकिस्तान परमाणु और पारंपरिक दोनों तरह के हमलों में सक्षम उन्नत ‘डिलीवरी सिस्टम’ विकसित कर रहे हैं। ये सिस्टम अमेरिका को सीधे अपनी रेंज में ला रहे हैं.
अमेरिकी रक्षा कवच को भेदने की रणनीति
अमेरिकी खुफिया समुदाय के आकलन के मुताबिक, चीन और रूस हाइपरसोनिक मिसाइलों और उन्नत बैलिस्टिक मिसाइलों पर काम कर रहे हैं। इन हथियारों की खास बात यह है कि ये ‘पैट्रियट’ और ‘थाड’ जैसी मौजूदा अमेरिकी मिसाइल रक्षा प्रणालियों को आसानी से बायपास या भेद सकते हैं। गबार्ड ने कहा कि रूस अपने परमाणु बलों का आधुनिकीकरण कर रहा है, जबकि चीन तेजी से अपने परमाणु शस्त्रागार में वृद्धि कर रहा है।
पाकिस्तान और मध्य पूर्व तनाव
एक ओर जहां ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ टकराव में उलझा पाकिस्तान लगातार अपनी परमाणु क्षमताओं को मजबूत कर रहा है। गबार्ड के मुताबिक, पाकिस्तान का यह घटनाक्रम न सिर्फ दक्षिण एशिया बल्कि वैश्विक सुरक्षा के लिए भी अस्थिरता पैदा कर सकता है। उत्तर कोरिया अमेरिका तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी की मिसाइलें विकसित करने की जिद पर भी अड़ा हुआ है।