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अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ को रद्द करने के फैसले और ट्रंप की नए टैरिफ की घोषणा के बाद भारत-अमेरिका व्यापार समझौता यथावत रहेगा। ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि भारत के साथ समझौते पर कोई असर नहीं पड़ेगा. यह पहले की तरह आगे बढ़ेगा. दरअसल, शुक्रवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ रद्द करने के फैसले के 3 घंटे के भीतर डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया पर 10% वैश्विक टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी. उन्होंने अपने बयान में कहा कि वह एक आदेश पर हस्ताक्षर करने जा रहे हैं जिसके तहत 10% का वैश्विक टैरिफ लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह टैरिफ पहले से लगाए जा रहे बेसलाइन टैरिफ के ऊपर होगा। यानी यह नया टैरिफ मौजूदा टैरिफ से 10 फीसदी अतिरिक्त होगा. हालाँकि, भारत के साथ समझौते में यह अतिरिक्त टैरिफ शामिल होगा, या पहले से तय 18% में समायोजित किया जाएगा। ट्रंप ने इस संबंध में कोई बयान नहीं दिया है. फरवरी के अंत तक व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया जाएगा वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका के साथ ‘अंतरिम व्यापार समझौते’ को फरवरी के अंत तक अंतिम रूप दिया जाएगा। इस पर मार्च में हस्ताक्षर होंगे, जबकि अप्रैल से यह समझौता पूरी तरह से लागू हो जाएगा. इसके साथ ही भारत आने वाले महीनों में दुनिया के प्रमुख देशों के साथ व्यापार समझौतों पर अंतिम मुहर लगाएगा. ब्रिटेन और ओमान के साथ मुक्त व्यापार समझौते भी अप्रैल में शुरू होने की उम्मीद है। 23 फरवरी को कानूनी मसौदे को अंतिम रूप दिया जाएगा. 23 फरवरी से भारतीय और अमेरिकी अधिकारी अमेरिका में तीन दिवसीय अहम बैठक करेंगे. बैठक का उद्देश्य 7 फरवरी को जारी ‘संयुक्त वक्तव्य’ के आधार पर एक कानूनी मसौदा तैयार करना है। वाणिज्य मंत्रालय के मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। टैक्स को 25% से घटाकर 18% करने का आधिकारिक आदेश इसी हफ्ते या अगले हफ्ते तक आने की उम्मीद है. इससे भारत के कपड़ा, चमड़ा और रत्न-आभूषण जैसे क्षेत्रों को सीधा फायदा होगा। 7 फरवरी को ट्रेड डील का ऐलान वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 7 फरवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिका के साथ ट्रेड समझौते की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि भारतीय कृषि उत्पादों को शून्य टैरिफ पर अमेरिका में निर्यात किया जाएगा, जबकि अमेरिकी कृषि उत्पादों को भारत में टैरिफ में कोई छूट नहीं दी गई है। पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया कि समझौता आनुवंशिक रूप से संशोधित (जीएम) भोजन को भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं देता है। उन्होंने कहा- इस समझौते से भारतीय निर्यातकों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर (करीब 27.18 लाख करोड़ रुपए) का बाजार खुलेगा। इसके अलावा भारत अगले 5 साल में अमेरिका से 50 हजार करोड़ डॉलर (45 लाख 30 हजार करोड़ रुपये) के उत्पाद खरीदने पर सहमत हुआ है. भारत और अमेरिका ने शुक्रवार को अंतरिम व्यापार समझौते (आईटीए) की रूपरेखा जारी की। इसके तहत भारतीय वस्तुओं पर अमेरिकी टैक्स 50% से घटाकर 18% कर दिया गया है. रूस से तेल खरीदने पर भारत पर लगने वाला 25 फीसदी अतिरिक्त टैक्स भी हटा दिया गया है. गैर-टैरिफ बाधाएं हटाएंगे दोनों देश पीयूष गोयल ने कहा कि दोनों देशों ने फैसला किया है कि वे इसके कुछ नियम तय करेंगे, ताकि इस समझौते का फायदा मुख्य रूप से अमेरिका और भारत को हो, न कि किसी तीसरे देश को. भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में गैर-टैरिफ बाधाओं को दूर करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। ये बाधाएं टैरिफ नहीं हैं, लेकिन व्यापार को कठिन बनाती हैं। अमेरिकी चिकित्सा उपकरण कंपनियों को भारत में मूल्य निर्धारण नियमों, पंजीकरण में देरी जैसी बाधाओं का सामना करना पड़ रहा था। अप्रैल में लागू होगी ब्रिटेन और ओमान के साथ डील पिछले साल जुलाई में भारत-ब्रिटेन एफटीए के बाद अब इसे अप्रैल से लागू किया जा सकता है। इससे भारत के 99% उत्पाद ‘शून्य शुल्क’ पर ब्रिटेन में प्रवेश कर सकेंगे। बदले में, भारत ब्रिटेन से आयातित कारों और स्कॉच व्हिस्की पर कर कम करेगा। अप्रैल में ओमान के साथ एक डील लागू होने की भी उम्मीद है, जिससे भारतीय सामानों की खाड़ी देशों तक पहुंच आसान हो जाएगी। ओमान ने भारत के 98% से अधिक उत्पादों पर शून्य शुल्क की पेशकश की है।
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ट्रम्प ने कहा- भारत के साथ ट्रेड डील में कोई बदलाव नहीं: पहले से तय समझौते पर आगे बढ़ेगी बातचीत; पीएम मोदी मेरे अच्छे दोस्त हैं, वह बहुत स्मार्ट हैं।’