उत्तरी जापान इस समय दशकों में सबसे खराब बर्फबारी का सामना कर रहा है। पिछले 15 दिनों से लगातार हो रही बर्फबारी के कारण अब तक 35 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 390 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. इस प्राकृतिक आपदा के कारण कई शहर बर्फ की सफेद चादर से ढक गए हैं, जिसके कारण इसे ‘सफेद मौत’ के नाम से जाना जाता है।
रिकार्ड तोड़ बर्फबारी और जनहानि
जापान मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, निगाता, अकिता और आओमोरी जैसे प्रान्त सबसे अधिक प्रभावित हुए। कुछ इलाकों में 2 मीटर (करीब 6.5 फीट) तक बर्फ जम गई है. आओमोरी में 183 सेमी बर्फबारी दर्ज की गई, जो पिछले 40 वर्षों में सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। अधिकतर मौतें छतों से बर्फ हटाते समय फिसलने या कड़ाके की ठंड के कारण दिल का दौरा पड़ने से हुईं।
भूस्खलन और दुर्घटनाओं का खतरा
भारी बर्फबारी के बाद तापमान बढ़ने की संभावना के बाद सिस्टम ने भूस्खलन की गंभीर चेतावनी जारी की है। बर्फ पिघलने से सड़कें फिसलन भरी हो रही हैं और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है. कैबिनेट सचिव मिनोरू किहारा ने नागरिकों को सुरक्षा उपकरण और हेलमेट पहनकर ही बर्फ हटाने की सलाह दी है।
बचाव अभियान और सेना की सहायता
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जापान की सेल्फ डिफेंस फोर्सेज (सेना) को तैनात कर दिया गया है। सैनिक फंसे हुए लोगों को बचाने, बिजली बहाल करने और सड़कों से बर्फ हटाने के लिए काम कर रहे हैं। अगले सप्ताह और भी अधिक बर्फबारी की भविष्यवाणी की गई है, जिसके चलते प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की अपील की है।
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