चीन को मात देने के लिए अमेरिका चांद पर बनाने जा रहा है सैन्य अड्डा, 20 अरब डॉलर का मास्टर प्लान

Neha Gupta
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अंतरिक्ष में दबदबा कायम रखने और चीन से आगे निकलने के लिए अमेरिका ने एक ऐतिहासिक और महत्वाकांक्षी कदम उठाया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में नासा ने अब चंद्रमा की सतह पर प्रत्यक्ष और स्थायी सैन्य अड्डा (मिशन) बनाने की क्रांतिकारी योजना की घोषणा की है। इस विशाल मिशन की अनुमानित लागत 20 बिलियन डॉलर आंकी गई है, जो अंतरिक्ष में नेतृत्व बनाए रखने के लिए अमेरिका के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।

अमेरिका चांद पर सैन्य अड्डा बनाएगा

नासा ने पहले चंद्रमा की कक्षा में एक स्टेशन बनाने पर विचार किया था, लेकिन अब उसने रणनीतिक बदलाव करते हुए सीधे चंद्रमा की सतह पर बेस बनाने का फैसला किया है। मिशन में उन्नत रोबोटिक लैंडर्स और ड्रोन तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा। इतना ही नहीं, आने वाले वर्षों में इस चंद्र आधार की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए परमाणु ऊर्जा का उपयोग करने की भी योजना है।

अमेरिका फिर रचेगा इतिहास

यह नया मिशन 1960 के दशक के प्रसिद्ध अपोलो कार्यक्रम जितना ही आक्रामक और महत्वपूर्ण होगा। नासा प्रमुख जेरेड इसाकमैन ने विश्वास जताया है कि यह वही तरीका है जिससे अमेरिका ने अपोलो कार्यक्रम के जरिए असंभव को संभव बनाया था। अब हम फिर वही इतिहास बनाने जा रहे हैं.’ राष्ट्रपति ट्रम्प के कार्यकाल के अंत तक, हम चंद्रमा पर लौट आएंगे, वहां एक स्थायी आधार स्थापित करेंगे और अंतरिक्ष में अमेरिकी नेतृत्व सुनिश्चित करेंगे।

चीन के साथ बढ़ती अंतरिक्ष प्रतिस्पर्धा के बीच लिया गया

यह निर्णय चीन के साथ बढ़ती तनावपूर्ण अंतरिक्ष दौड़ के बीच आया है। चीन ने भी पिछले अक्टूबर में 2030 तक अपने अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर उतारने की घोषणा की थी। चीन के मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम के प्रवक्ता झांग जिंगबो ने इस बात पर जोर दिया है कि उनकी तैयारी तेजी से आगे बढ़ रही है और 2030 का लक्ष्य दृढ़ है।

एलन मस्क और जेफ बेजोस की अहम भूमिका

इस मेगा मिशन में स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क और ब्लू ओरिजिन के संस्थापक जेफ बेजोस जैसे दिग्गज भी अहम भूमिका निभाएंगे। दोनों कंपनियां नासा के लिए अत्याधुनिक चंद्र लैंडर विकसित कर रही हैं। हालाँकि, 2028 तक मानव लैंडिंग का लक्ष्य वर्तमान में निर्धारित समय से पीछे चल रहा है, जो इस दौड़ की जटिलता को दर्शाता है। इसके अलावा, नासा ने मंगल ग्रह पर एक परमाणु-संचालित अंतरिक्ष यान भेजने की योजना की भी घोषणा की है, जो भविष्य के अंतरिक्ष अन्वेषण में एक बड़ी छलांग है। ट्रंप प्रशासन ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान एक अंतरिक्ष बल की स्थापना की थी और अब चंद्रमा पर बेस बनाने की इस योजना को उस दिशा में एक और बड़ा और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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