इन संदेशों को कूटनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि ये क्षेत्रीय सहयोग, आपसी सम्मान और संवाद को मजबूत करने का सुझाव देते हैं। खास तौर पर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के उस संदेश पर चर्चा हुई, जिसमें उन्होंने भारत को ‘अच्छा पड़ोसी, दोस्त और साझेदार’ बताया था.
राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि भारत और चीन दोनों के पास प्राचीन सभ्यताएं हैं
चीन से भेजे गए संदेश में राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि भारत और चीन दोनों के पास प्राचीन सभ्यताएं हैं और दोनों देशों के बीच सहयोग की काफी संभावनाएं हैं. उन्होंने आपसी मतभेदों को बातचीत के जरिए सुलझाने और द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर एवं सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया. पिछले कुछ वर्षों में भारत-चीन संबंधों में तनाव के बीच इस बयान को एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
बांग्लादेश की ओर से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने भारत को गणतंत्र दिवस की बधाई दी
वहीं, बांग्लादेश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने भारत को गणतंत्र दिवस की बधाई दी और कहा कि भारत-बांग्लादेश संबंध साझा इतिहास, संस्कृति और सहयोग पर आधारित हैं। उन्होंने दोनों देशों के बीच व्यापार, कनेक्टिविटी और विकास साझेदारी को मजबूत करने की इच्छा व्यक्त की। बांग्लादेश ने भारत को “विश्वसनीय मित्र और विकास भागीदार” कहा।
भूटान ने भी भारत को शुभकामनाएं दीं
भूटान ने भी भारत को बधाई देते हुए कहा कि भारत सिर्फ पड़ोसी नहीं बल्कि करीबी दोस्त और मार्गदर्शक है। भूटानी नेतृत्व ने भारत के साथ विशेष और ऐतिहासिक संबंधों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दोनों देशों की दोस्ती आपसी विश्वास और सहयोग का एक बेहतरीन उदाहरण है।
ये शुभकामना संदेश यह स्पष्ट करते हैं कि भारत का गणतंत्र दिवस न केवल एक राष्ट्रीय त्योहार है, बल्कि क्षेत्रीय कूटनीति और अंतर्राष्ट्रीय मित्रता को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी है।
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