जापान अपने अनुशासन, तकनीक और कुशल प्रणालियों के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। इसी अनुशासन का एक अच्छा उदाहरण कंसाई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है। ओसाका में स्थित यह हवाई अड्डा 1994 में खोला गया था और तब से अब तक एक भी यात्री का सामान नहीं खोया है, जो वास्तव में एक अद्भुत और गौरवपूर्ण उपलब्धि है।
लगभग 28 मिलियन
हवाई अड्डा हर साल लगभग 28 मिलियन (2.8 करोड़) यात्रियों को सेवा प्रदान करता है और लगभग 10 मिलियन बैग और सामान संभालता है। दुनिया भर के प्रमुख हवाई अड्डों पर हर दिन, कई बैग खो जाते हैं, देर से पहुंचते हैं या गलत उड़ान में चढ़ जाते हैं। लेकिन कंसाई एयरपोर्ट ने इस समस्या को पूरी तरह से खत्म कर दिया है।
यह सिस्टम कैसे काम करता है?
कंसाई हवाई अड्डे की सफलता का एक बड़ा कारण इसकी मल्टी-लेयर बैगेज हैंडलिंग प्रणाली है। यह सिस्टम हर स्तर पर सामान की निगरानी करता है। जैसे ही विमान उतरता है, कार्गो होल्ड से उतारे गए बैगों की संख्या की तुलना विमान पर लादे गए बैगों की सूची से की जाती है। अगर कहीं छोटी सी भी गलती मिलती है तो तुरंत जांच शुरू कर दी जाती है। बैगों को अलग-अलग सेंसर, स्कैनर और स्वचालित कन्वेयर बेल्ट के माध्यम से आगे भेजा जाता है। प्रत्येक बैग पर नज़र रखी जाती है, ताकि वह ग़लत जगह पर न पहुँचे।
15 मिनट में यात्री को बैग
इस हवाई अड्डे का मुख्य लक्ष्य यह है कि सभी बैग लैंडिंग के 15 मिनट के भीतर बैगेज क्लेम एरिया में पहुंच जाएं। इसके लिए कर्मचारियों को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जाता है और मानव पर्यवेक्षण को प्रौद्योगिकी के साथ संतुलित किया जाता है।
दुनिया के लिए एक आदर्श
इस उपलब्धि के कारण, कंसाई हवाई अड्डे को दुनिया के सबसे विश्वसनीय हवाई अड्डों में से एक माना जाता है। कई अंतरराष्ट्रीय संगठन और दूसरे देशों के हवाई अड्डे इस प्रणाली का अध्ययन करने के लिए यहां आते हैं। जहां दुनिया भर में यात्री बैग खो जाने की शिकायत करते हैं, वहीं जापान का यह हवाई अड्डा दिखाता है कि उचित योजना, अनुशासन और प्रौद्योगिकी के साथ किसी भी समस्या का समाधान किया जा सकता है। यह मामला केवल एक हवाई अड्डे की सफलता नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक सबक है कि यदि कार्यकुशलता और जिम्मेदारी के साथ काम किया जाए तो “शून्य त्रुटि” संभव है।
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