चल रहे युद्ध और वैश्विक तनाव के बीच, भारत में रसोई गैस की कमी की अफवाहों ने लोगों को चिंतित कर दिया है। 1.4 अरब लोगों के देश में जब मामला सीधे तौर पर रसोई के बजट और ईंधन से जुड़ा हो तो चिंता स्वाभाविक है। भारत अपनी आवश्यकताओं का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, जिससे वर्तमान गैस भंडार और सरकारी तैयारियों को समझना महत्वपूर्ण हो जाता है। देश की रसोई में गैस खत्म न हो, इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व्यक्तिगत रूप से स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
देश में गैस कनेक्शन का व्यापक नेटवर्क
भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि देश में घरेलू एलपीजी कनेक्शन की संख्या अब 330 मिलियन से अधिक है। यदि हम इस तथ्य पर विचार करें कि अधिकांश शहरी और मध्यम वर्ग के घरों में डबल सिलेंडर कनेक्शन (डीबीसी) है, तो देश में एलपीजी सिलेंडरों की कुल संख्या 660 मिलियन से अधिक है। यह बड़ा आंकड़ा दिखाता है कि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी ऊर्जा पहुंच को कैसे मजबूत किया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि जनता को घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि फिलहाल देश में गैस की कोई भौतिक कमी नहीं है।
एलपीजी गैस संकट 2026: एक नज़र में महत्वपूर्ण आँकड़े
| वर्ग | विवरण और आँकड़े |
| कुल घरेलू कनेक्शन | 33 करोड़ से ज्यादा कनेक्शन |
| उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) | 10.4 करोड़ परिवारों को लाभ हुआ (जनवरी 2026 तक)। |
| दैनिक वितरण | प्रतिदिन लगभग 50 लाख सिलेंडर |
| आयात पर निर्भरता | जरूरत का 62 फीसदी आयात विदेशों से होता है |
| प्रमुख आयात मार्ग | होर्मुज जलडमरूमध्य (85-90% आयात यहीं से होता है) |
| स्थानीय उत्पादन | लगभग 12.8 मिलियन टन प्रति वर्ष |
| कुल वार्षिक खपत | लगभग 31.3 मिलियन टन |
पिछले दशक में गैस की पहुंच दोगुनी हो गई है
2014 के आंकड़ों पर नजर डालें तो देश में सिर्फ 14.5 करोड़ एलपीजी कनेक्शन थे। पिछले 10 से 12 वर्षों में यह संख्या दोगुनी होकर 330 मिलियन हो गई है। इस विस्तार के लिए प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएम-उज्ज्वला योजना) काफी हद तक जिम्मेदार है। इस योजना के तहत, लगभग 104 मिलियन गरीब और ग्रामीण परिवारों को सब्सिडी वाले या मुफ्त कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। इससे न केवल महिलाओं को धुएं से मुक्ति मिली, बल्कि देश के गैस वितरण नेटवर्क का विस्तार सुदूर गांवों तक हो गया।
नए नियम और मूल्य वृद्धि (मार्च 2026)
| गैस सिलिन्डर | नया परिवर्तन/कीमत |
| घरेलू सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी | ₹60 की वृद्धि (7 मार्च 2026 से) |
| कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी | ₹114.5 की बढ़ोतरी |
| बुकिंग सीमा (फिर से भरना) | दो सिलेंडर के बीच 25 दिन का अंतर अनिवार्य |
| वाणिज्यिक आपूर्ति बंद करें | होटल/रेस्तरां के लिए आपूर्ति में 20% तक की कमी |
ये भी पढ़ें- तनाव के बीच ईरान से आई बड़ी खुशखबरी! महंगाई तोड़ेगी आम लोगों की कमर, भारत पर सीधा असर!