उत्तर कोरिया के राजनीतिक परिदृश्य से बड़ी खबर सामने आई है. सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी ने अपनी महत्वपूर्ण पार्टी कांग्रेस में एक बार फिर सर्वसम्मति से किम जोंग उन को पार्टी का महासचिव चुना है। सोमवार, 23 फरवरी 2026 को राज्य मीडिया द्वारा की गई घोषणा से यह स्पष्ट हो गया है कि किम जोंग उन की देश पर पकड़ मजबूत हो गई है।
पार्टी कांग्रेस का महत्व और सहमति
उत्तर कोरिया में हर पांच साल में आयोजित होने वाली यह पार्टी कांग्रेस बेहद गोपनीय और प्रभावशाली होती है। रविवार को कांग्रेस के चौथे दिन किम के नेतृत्व पर सभी प्रतिनिधियों की “अटूट इच्छाशक्ति और सर्वसम्मति” की मुहर लगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पार्टी ने किम जोंग उन के नेतृत्व में देश की परमाणु-आधारित युद्ध-रोकथाम क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि की सराहना की है।
आर्थिक चुनौतियाँ और किम की स्वीकार्यता
यह बैठक सिर्फ शक्ति प्रदर्शन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि देश की आवास, अर्थव्यवस्था और युद्ध योजना की दिशा भी तय करती है. किम जोंग उन ने अपने संबोधन में माना कि अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और लोगों के जीवन स्तर में सुधार करना पार्टी के लिए एक जरूरी ऐतिहासिक कार्य है।
किम ने सैन्य ताकत के साथ-साथ अर्थव्यवस्था पर भी जोर दिया
गौरतलब है कि 2011 में सत्ता संभालने के बाद से किम ने सैन्य शक्ति के साथ-साथ अर्थव्यवस्था पर भी जोर दिया है। 2021 कांग्रेस में, उन्होंने आर्थिक विकास में गलत कदमों की एक दुर्लभ स्वीकारोक्ति की, जिससे संकेत मिलता है कि अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का उत्तर कोरिया पर गहरा प्रभाव पड़ा है।
परमाणु कार्यक्रम और पार्टी के नियमों में बदलाव
किम ने इस साल की कांग्रेस में घोषणा की है कि देश के परमाणु हथियार कार्यक्रम का अगला चरण जल्द ही शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही पार्टी की एकता और अनुशासन को और मजबूत करने के लिए पार्टी नियमों में भी संशोधन किया गया है।