ईरान परमाणु विकिरण जोखिम: ईरान में परमाणु विकिरण फैलने पर कितने देशों को ख़तरा होगा?

Neha Gupta
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बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक में अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने चेतावनी दी कि क्षेत्र में लगातार हमलों से परमाणु सुरक्षा को खतरा बढ़ गया है।

अगर ईरान में परमाणु विकिरण फैल गया तो क्या होगा?

दुनिया अभी नागासाकी और हिरोशिमा के सदमे से उभर भी नहीं पाई है कि दुनिया एक और परमाणु हमले की चर्चा से हिल गई है क्योंकि इस समय विश्व की सुरक्षा और शांति पर ईरान नाम की बड़ी तलवार लटक रही है। यदि ईरान की परमाणु सुविधाओं, विशेष रूप से बुशहर जैसे तटीय संयंत्र से कोई विकिरण लीक होता है, तो तटीय क्षेत्र के कम से कम छह से आठ देशों को अलग-अलग स्तर का खतरा हो सकता है। सटीक प्रभाव हवा की दिशा, समुद्री धाराओं और क्षति के स्तर पर निर्भर करेगा।

कितने देश हो सकते हैं प्रभावित?

ईरान के निकटतम पड़ोसियों और खाड़ी देशों को सबसे अधिक खतरा होगा क्योंकि वे भौगोलिक रूप से करीब और पारिस्थितिक रूप से जुड़े हुए हैं। कुवैत, कतर और बहरीन बड़ी चिंता का विषय हो सकते हैं क्योंकि वे पीने के पानी के लिए समुद्री जल अलवणीकरण संयंत्रों पर बहुत अधिक निर्भर हैं। यदि रेडियोधर्मी सामग्री खाड़ी के पानी को प्रदूषित करती है, तो अलवणीकरण प्रणाली प्रभावित हो सकती है, जिससे मीठे पानी की आपूर्ति बाधित हो सकती है।

खाड़ी देश तत्काल खतरे में हैं

कुवैत, कतर और बहरीन बड़ी चिंता का विषय हो सकते हैं क्योंकि वे पीने के पानी के लिए समुद्री जल अलवणीकरण संयंत्रों पर बहुत अधिक निर्भर हैं। यदि रेडियोधर्मी सामग्री खाड़ी के पानी को प्रदूषित करती है, तो अलवणीकरण प्रणाली प्रभावित हो सकती है, जिससे मीठे पानी की आपूर्ति बाधित हो सकती है।

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