पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष अब सीमाओं को पार कर पूरे खाड़ी देशों में फैल गया है। ईरान ने अपने बेहद घातक शहीद-136 आत्मघाती ड्रोन का इस्तेमाल कर संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर बड़ा हमला किया है। ईरानी राज्य मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हमले में सीधे तौर पर अमेरिकी सैन्य कर्मियों की आवास वाली इमारत को निशाना बनाया गया। जिससे भारी जानमाल के नुकसान की आशंका है.
दुबई में तबाही और सऊदी में जवाबी कार्रवाई
दुबई में हुए इन धमाकों की गूंज पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है. इससे पहले ईरान ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद में अमेरिकी दूतावास पर भी ड्रोन हमले किए थे. हालाँकि, सऊदी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने कहा कि उनकी रक्षा प्रणालियों ने रियाद और अल-खर्ज शहरों के पास पहुँचते ही 8 ईरानी ड्रोनों को हवा में मार गिराया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में इजराइल में अमेरिकी दूतावास में आग लगी हुई भी देखी जा सकती है, जिसे ईरानी ड्रोन हमले का नतीजा माना जा रहा है।
क़तर पर मिसाइलों की बारिश
उधर, कतर के आसमान में भी युद्ध जैसे हालात बन गए। कतर के रक्षा मंत्रालय ने एक चौंकाने वाले आंकड़े की घोषणा करते हुए कहा कि ईरान की ओर से देश पर 101 बैलिस्टिक मिसाइलें और कई क्रूज मिसाइलें दागी गईं। कतरी वायु सेना एक बेहद कठिन ऑपरेशन में 101 में से 98 बैलिस्टिक मिसाइलों, 3 क्रूज़ मिसाइलों और 24 ड्रोनों को रोकने में कामयाब रही। इतना ही नहीं कतर द्वारा दो ईरानी एसयू-24 लड़ाकू विमानों को भी निशाना बनाए जाने की खबर है।
हमलों ने पश्चिम एशियाई सुरक्षा व्यवस्था को हिलाकर रख दिया
ईरान द्वारा एक साथ कई देशों पर किए गए इन हमलों ने पश्चिम एशिया की सुरक्षा व्यवस्था को हिला कर रख दिया है. अमेरिकी सैन्य ठिकानों और राजनयिक कार्यालयों पर हुए इन हमलों के बाद अब पूरी दुनिया की नजर वाशिंगटन की ओर से आने वाली प्रतिक्रिया पर है. ईरान ने साफ कर दिया है कि वह इस युद्ध से पीछे हटने को तैयार नहीं है, जो वैश्विक शांति के लिए बड़ी चिंता का विषय है।