मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध जैसे हालात के बीच एक गंभीर घटना सामने आई है। दावा किया गया है कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज इलाके में ओमान के तट से गुजर रहे एक तेल टैंकर पर हमला किया है. ईरान की ओर से कहा जा रहा है कि यह हमला अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमले के जवाब में हुआ है.
ओमान के मुसंदम प्रायद्वीप के पास से रोशनदान गुजरता है
पलाऊ के झंडे वाला तेल टैंकर स्काईलाइट ओमान के मुसंदम प्रायद्वीप के पास से गुजर रहा था। इलाके में ड्रोन हमले के बाद टैंकर को निशाना बनाया गया. घटना में कम से कम 4 लोगों के घायल होने की खबर है.
जहाज पर 15 भारतीयों सहित कुल 20 चालक दल के सदस्य हैं
ओमान के समुद्री सुरक्षा केंद्र (एमएससी) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, स्काईलाइट टैंकर पर कुल 20 चालक दल के सदस्य थे। इनमें 15 भारतीय नागरिक और 5 ईरानी नागरिक शामिल हैं। यह हमला मुसंदम के खासाब बंदरगाह से करीब पांच समुद्री मील दूर हुआ। हमले के बाद चालक दल के सभी सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। एमएससी ने यह भी कहा कि घायलों को नजदीकी चिकित्सा सुविधाओं में स्थानांतरित कर दिया गया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों महत्वपूर्ण है?
होर्मुज जलडमरूमध्य को दुनिया का सबसे संवेदनशील और रणनीतिक समुद्री चोकपॉइंट माना जाता है। दुनिया का लगभग 20-25 प्रतिशत कच्चा तेल प्रतिदिन यहीं से परिवहन किया जाता है। इस मार्ग में किसी भी अस्थिरता का वैश्विक तेल कीमतों, शिपिंग उद्योग और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर सीधा प्रभाव पड़ता है।
मध्य पूर्व में तनाव और गंभीर
ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है. ऐसा माना जा रहा है कि ओमान या उसके आसपास किसी लक्ष्य पर यह पहला बड़ा हमला है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तनाव बरकरार रहा तो इसका असर सिर्फ मध्य पूर्व ही नहीं बल्कि भारत समेत कई देशों की ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार पर पड़ सकता है।
हालात पर भारत की नजर
चूँकि इसमें 15 भारतीय क्रू सदस्य शामिल थे, इसलिए यह घटना भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण हो गई। भारतीय अधिकारी स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और माना जाता है कि वे ओमानी सरकार के साथ लगातार संपर्क में हैं।
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