इमरान खान की दाहिनी आंख की 85 फीसदी रोशनी चली गई है. पार्टी ने पारिवारिक और निजी डॉक्टरों की मौजूदगी में इलाज की मांग की है.
खतरे में इमरान खान की जान?
पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है. उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसेफ ने आरोप लगाया है कि उन्हें गुपचुप तरीके से जेल से अस्पताल शिफ्ट किया जा रहा है. पार्टी का कहना है कि यह उनके अधिकारों का उल्लंघन है और इससे उनकी जान को खतरा हो सकता है। पीटीआई के मुताबिक, 73 साल के इमरान खान के परिवार को उनके अस्पताल में ट्रांसफर होने की जानकारी नहीं दी गई.
स्वास्थ्य समस्याओं से कष्ट
पार्टी ने मांग की है कि उनका इलाज तुरंत शुरू किया जाए, लेकिन परीक्षण और दवा केवल उनके निजी डॉक्टरों और परिवार के कम से कम एक सदस्य की उपस्थिति में ही दी जाए। इमरान खान के परिवार और वकील पहले भी जेल प्रशासन पर उन्हें उचित इलाज न देने का आरोप लगा चुके हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। उनकी दाहिनी आंख की 85 फीसदी रोशनी चली गई है।
तहरीक-ए-इंसाफ की मांग
पीटीआई का कहना है कि किसी भी कैदी को अस्पताल ले जाने या मेडिकल जांच कराने से पहले परिवार और डॉक्टरों को सूचित करना अनिवार्य है। यह पाकिस्तान के जेल नियमों में निर्धारित है। पार्टी ने कहा कि इमरान खान के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी छिपाना गलत है और इससे उनकी जान को खतरा हो सकता है. पार्टी ने इलाज में देरी को अमानवीय बताया.
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