इंडो-पैसिफिक फोरम: एशिया-पैसिफिक में दादागिरी को लेकर जयशंकर ने परोक्ष रूप से किसे दी चेतावनी?

Neha Gupta
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केंद्रीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने साफ कहा कि इंडो-पैसिफिक फोरम को स्वतंत्र रखना जरूरी है.

इंडो-पैसिफिक फोरम में उपस्थिति

केंद्रीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने इंडो-पैसिफिक फोरम से चीन को बड़ा संदेश दिया है. उन्होंने कहा है कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को मुक्त रखना जरूरी है. भारत और जापान पर बड़ी जिम्मेदारी है. केंद्रीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने आगे कहा कि भारत और जापान के बीच साझेदारी कुछ ही दशकों में मजबूत हुई है. डॉ. एस जयशंकर ने आगे कहा कि दोनों देशों के पीएम के बीच बैठक हुई. और इसमें रिश्तों को अहमियत देने की बात कही गई.

सामरिक स्थिरता पर चर्चा

केंद्रीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा कि उन्हें इन दोनों देशों के बीच नए संबंधों के मुद्दे पर चर्चा और समाधान करने में खुशी हो रही है। दिल्ली पॉलिसी ग्रुप और जापान इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल को बधाई दी गई। दोनों देशों की साझेदारी समय के साथ और मजबूत होती जा रही है. यह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक स्थिरता को बढ़ाने और वैश्विक स्तर पर आर्थिक स्थिरता में योगदान देने के लिए काम करता है।

गाजा शांति योजना पर बैठक

केंद्रीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने नई दिल्ली में अपने इजरायली समकक्ष गिदोन सार के साथ बैठक की। बैठक में विभिन्न क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और गाजा शांति योजना सहित क्षेत्र के विकास पर चर्चा हुई। इस दौरे को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि नई दिल्ली में इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार के साथ बैठक हुई. बैठक में आतंकवाद के खात्मे, शांति स्थापित करने, विकास आदि पर चर्चा हुई.

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